QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में कानपुर का दबदबा, IIT 97वें पायदान पर; CSJMU और HBTU को भी मिली जगह

QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में कानपुर का दबदबा, IIT 97वें पायदान पर; CSJMU और HBTU को भी मिली जगह

एशिया के 1722 संस्थानों के बीच हुआ मुकाबला, दक्षिण एशिया में आईआईटी कानपुर सातवें स्थान पर; CSJMU की अकादमिक प्रतिष्ठा तीन साल में पांच से बढ़कर 20.6 हुई

कानपुर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कानपुर ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में शहर के तीन प्रमुख शिक्षण संस्थानों ने जगह बनाई है। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) और हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) शामिल हैं।

एशिया की रैंकिंग में आईआईटी कानपुर ने 97वां स्थान हासिल किया है। वहीं, सीएसजेएमयू को 1001-1100 और एचबीटीयू को 1301-1400 रैंक बैंड में रखा गया है। दक्षिण एशिया की रैंकिंग में आईआईटी कानपुर सातवें स्थान पर रहा है। सीएसजेएमयू ने 324वीं और एचबीटीयू ने 425वीं रैंक हासिल की है।

दक्षिण एशिया में आईआईटी कानपुर सातवें स्थान पर

दक्षिण एशिया की रैंकिंग में आईआईटी कानपुर ने सातवां स्थान हासिल कर अपनी शैक्षणिक और शोध क्षमता का प्रदर्शन किया है। वहीं, सीएसजेएमयू को देशभर में 172वां स्थान मिला है। उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में विश्वविद्यालय चौथे पायदान पर रहा है। यह उपलब्धि प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की बढ़ती पहचान को दर्शाती है।

एशिया के 1722 संस्थानों के बीच मुकाबला

क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में एशिया के 26 देशों के 1722 विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को शामिल किया गया है। इनमें भारत के 325 संस्थान हैं। रैंकिंग तैयार करने में अकादमिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, शोध का प्रभाव, शिक्षकों की योग्यता, अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग और वैश्विक स्तर पर संस्थानों की भागीदारी जैसे मानकों का मूल्यांकन किया गया है।

तीन साल में चार गुना से अधिक बढ़ा CSJMU का अकादमिक प्रतिष्ठा स्कोर

सीएसजेएमयू ने अकादमिक प्रतिष्ठा के मामले में पिछले तीन वर्षों में उल्लेखनीय सुधार किया है। क्यूएस के इस मानक पर विश्वविद्यालय का स्कोर वर्ष 2025 में पांच था, जो 2026 में बढ़कर 13.4 और 2027 में 20.6 हो गया। यानी तीन वर्षों में विश्वविद्यालय ने अपनी अकादमिक प्रतिष्ठा के स्कोर में चार गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की है।

रोजगारदाता प्रतिष्ठा के मामले में भी विश्वविद्यालय का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। इस मानक पर वर्ष 2025 में 10.4 अंक मिले थे, जो 2026 में बढ़कर 13.1 और 2027 में 14.1 हो गए। पीएचडी धारक शिक्षकों के मानक पर विश्वविद्यालय को 58.4 अंक मिले हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क में 25.8 और प्रति शोधपत्र उद्धरण के मानक पर 24.9 अंक हासिल हुए हैं।

वीसी बोले- शिक्षा, शोध और नवाचार पर विशेष जोर

सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। तीन वर्षों में अकादमिक प्रतिष्ठा का स्कोर पांच से बढ़कर 20.6 तक पहुंचना विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय के निरंतर प्रयासों और शैक्षणिक गुणवत्ता में हो रहे सुधार का परिणाम बताया।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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