ढाई करोड़ की रंगदारी मामले में पांचवां गवाह भी मुकरा, चालक को कोर्ट ने किया पक्षद्रोही घोषित
होटल कारोबारी सुरेश पाल के ड्राइवर ने कहा- पुलिस को नहीं दिया था कोई बयान, अब पांच नवंबर को होगी अगले गवाह की गवाही
कानपुर। होटल कारोबारी सुरेश पाल से ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में सोमवार को पांचवें गवाह के बयान दर्ज किए गए। कारोबारी के चालक कंचन कुशवाहा ने जिला जज अनमोल पाल की अदालत में अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया। उसने कहा कि उसने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया था। इस पर अदालत ने उसे पक्षद्रोही घोषित कर दिया। अभियोजन पक्ष अब पांच नवंबर को अगले गवाह को पेश करेगा।
सात अगस्त 2025 को दर्ज हुई थी एफआईआर
होटल कारोबारी सुरेश पाल ने सात अगस्त 2025 को किदवई नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथी आयुष मिश्रा उर्फ लवी ने दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उनसे ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी वसूली।
अखिलेश दुबे और आयुष मिश्रा के खिलाफ आरोप तय होने के बाद वादी सुरेश पाल और उनके बेटे पुष्पेंद्र कुकरेजा अदालत में अपने पूर्व आरोपों से मुकर गए थे। दोनों ने कोर्ट में कहा था कि उनसे न तो रंगदारी मांगी गई और न ही रकम ली गई।
तबीयत बिगड़ने से टल गई थी गवाही
22 अक्टूबर को सुरेश पाल के चालक कंचन कुशवाहा की गवाही होनी थी, लेकिन उस दिन उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद बीमारी के कारण वह दो तारीखों पर अदालत में पेश नहीं हुआ। सोमवार को अदालत में पहुंचने पर उसके बयान दर्ज किए गए।
गवाही के दौरान कंचन ने कहा कि उसने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया था। पुलिस ने उसके नाम से बयान कैसे दर्ज किए, इसकी उसे जानकारी नहीं है। कार्यवाहक डीजीसी ओंकार नाथ वर्मा ने बताया कि चालक को पक्षद्रोही घोषित कर दिया गया है। अब मामले में अगली गवाही पांच नवंबर को होगी।


