आईआईटी कानपुर में अप्रैल 2027 से शुरू होगा 450 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

आईआईटी कानपुर में अप्रैल 2027 से शुरू होगा 450 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

कानपुर समेत आसपास के दस जिलों के मरीजों को मिलेगा गंभीर बीमारियों का इलाज, 2029 से एमबीबीएस और एमडी पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी

कानपुर। आईआईटी कानपुर में तैयार हो रहा 450 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अप्रैल 2027 से मरीजों को चिकित्सा सेवाएं देना शुरू कर देगा। इसके शुरू होने से कानपुर समेत आसपास के करीब दस जिलों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों का उपचार करेंगे। इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में शोध और अनुसंधान की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

खास बात यह है कि वर्ष 2029 से संस्थान में एमबीबीएस और एमडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश शुरू करने की तैयारी है। ऐसा होने पर आईआईटी कानपुर इंजीनियरिंग के साथ एमबीबीएस की पढ़ाई कराने वाला देश का पहला आईआईटी बन जाएगा।

छह प्रमुख विशेषज्ञताओं में मिलेगा इलाज

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि कैंपस में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के तहत सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इस वर्ष अधिक बारिश के कारण निर्माण कार्य में कुछ देरी हुई है। अब अप्रैल 2027 में अस्पताल का औपचारिक उद्घाटन कराने की योजना है।

अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी समेत छह प्रमुख विशेषज्ञताओं में इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के साथ सुपर स्पेशियलिस्ट डॉक्टर मरीजों को सेवाएं देंगे। अस्पताल के संचालन से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

2027 से शुरू होंगे एमटेक और पीएचडी पाठ्यक्रम

अस्पताल के साथ चिकित्सा शिक्षा और शोध को भी आगे बढ़ाने की योजना है। वर्ष 2027 से चिकित्सा के गैर-क्लीनिकल क्षेत्र और मेडिकल इंजीनियरिंग से जुड़े एमटेक व पीएचडी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके बाद वर्ष 2029 से एमबीबीएस और एमडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इससे चिकित्सा विज्ञान और इंजीनियरिंग के बीच शोध और तकनीकी नवाचार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

सरकारी डेटा सेंटर की साइबर सुरक्षा संभालेगा आईआईटी

उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ में सरकारी आंकड़ों को सुरक्षित रखने के लिए डेटा सेंटर स्थापित कर रही है। इसमें प्रदेश के विभिन्न विभागों का महत्वपूर्ण डेटा रखा जाएगा। इसकी साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर को सौंपी गई है।

संस्थान के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि आईआईटी कानपुर ने साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सिस्टम विकसित किया है। यह तकनीक विभिन्न प्रकार के साइबर हमलों से निपटने में सक्षम है। लखनऊ स्थित सरकारी डेटा सेंटर को सुरक्षित रखने के लिए संस्थान के विकसित सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सरकारी आंकड़ों की सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी।

आईआईटी और आईआईआईटी लखनऊ में स्थापित होंगे यू-हब

प्रदेश में डीपटेक स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार दो यू-हब स्थापित करने जा रही है। इनमें पहला केंद्र आईआईटी कानपुर के नोएडा कैंपस और दूसरा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी), लखनऊ में स्थापित होगा।

प्रो. मणींद्र अग्रवाल के मुताबिक, दोनों केंद्रों का उद्घाटन इसी महीने होने की संभावना है। इन यू-हब का उद्देश्य डीपटेक क्षेत्र में नए स्टार्टअप विकसित करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी सहयोग व प्रोत्साहन उपलब्ध कराना है। इससे प्रदेश में तकनीक आधारित उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

 

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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