आजमगढ़ दोहरे हत्याकांड में आठ दोषियों को उम्रकैद, जुर्माना भी लगाया
आजमगढ़। जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी गांव में वर्ष 2007 में हुए दोहरे हत्याकांड में अदालत ने आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक कमलापति की अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 74-74 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 21 अक्टूबर 2007 को दशहरे के दिन सुबह करीब नौ बजे गांव निवासी रामजन्म सिंह अपने दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान गांव के प्रधान विपिन सिंह समेत नौ लोग कथित तौर पर हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे। आरोप है कि विपिन सिंह ने तालुकदार सिंह को गोली मार दी, जबकि राजेश सिंह ने पारसनाथ सिंह को गोली मारी। इस दौरान अन्य आरोपियों ने रामजन्म सिंह, उनके भतीजे अंकित सिंह और आशीष के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। गोली लगने से तालुकदार सिंह और पारसनाथ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी राधेश्याम सिंह की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडेय तथा विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह ने पैरवी की। मामले में कुल 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आठ आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।


