पनकी आवासीय योजना की जमीन पर KDA को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, याचिकाकर्ताओं पर पांच लाख जुर्माना
कानपुर। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) को पनकी आवासीय योजना की जमीन के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने जमीन को अधिग्रहण से मुक्त कराने की मांग वाली सुमित मखीजा व अन्य की याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने माना कि कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर प्राधिकरण की अर्जित जमीन पर करीब 65 साल तक कब्जा बनाए रखा गया। हाईकोर्ट ने 27 अक्टूबर 2026 को यह फैसला सुनाया।
13,940 वर्गमीटर जमीन पर था विवाद
केडीए के विशेष कार्याधिकारी सत्य शुक्ला ने बताया कि मामला ग्राम शाहपुर (मोहसिनपुर) की आराजी संख्या 210, 221, 222 और 223 से जुड़ा है। इन चारों आराजियों का कुल क्षेत्रफल 13,940 वर्गमीटर यानी करीब 1.39 हेक्टेयर है। यह जमीन केडीए की पनकी आवासीय योजना में स्थित है और इसका अधिग्रहण भू-अर्जन कानून के तहत किया गया था।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 16 मई 2008 को जमीन को अधिग्रहण से मुक्त करने संबंधी अधिसूचना निरस्त कर दी थी। इस आदेश को चुनौती देते हुए सुमित मखीजा और अन्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका संख्या 27501/2008 दाखिल की थी।
याचिकाकर्ताओं ने दिए थे ये तर्क
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई थी कि जमीन के अधिग्रहण के बदले मुआवजे की राशि जमा नहीं की गई और संबंधित जमीन पर शुरू से ही उनका तथा उनके पूर्वजों का कब्जा रहा है। हालांकि, केडीए के विशेष कार्याधिकारी के अनुसार, हाईकोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग और लंबे समय तक जमीन पर कब्जा बनाए रखने के आधार पर याचिका खारिज कर दी।
आवासीय दर से 51.57 करोड़ रुपये कीमत
विशेष कार्याधिकारी सत्य शुक्ला ने बताया कि आवासीय सर्किल दर 37 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से जमीन की कीमत करीब 51 करोड़ 57 लाख 50 हजार रुपये है। वहीं, व्यावसायिक सर्किल दर 74 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के अनुसार इसका मूल्य करीब एक अरब तीन करोड़ 15 लाख 60 हजार रुपये है।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब इस जमीन के नियोजन और पनकी आवासीय योजना को आगे बढ़ाने में कानूनी अड़चन नहीं रहेगी।


