संस्कृत सम्भाषण कार्यशाला का समापन समारोह सम्पन्न

कानपुर। दयानन्द गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर के “संस्कृत अध्ययन केन्द्र” पर “केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली” के सौजन्य से आयोजित “संस्कृतसम्भाषणवर्ग का समापन समारोह उत्साहपूर्वक गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को सरलता से संस्कृत समझने, बोलने, पढ़ने एवं लिखने में सक्षम बनाना और संस्कृत भाषा के प्रति व्यावहारिक रुचि उत्पन्न करना था। कार्यशाला में पंजीकृत 52 छात्र-छात्राओं संस्कृत की मूलभूत व्याकरणिक संरचनाओं, सप्तविभक्तियों, सरल क्रियापदों, पाँच लकारों, अव्ययों, प्रत्ययों, संख्याओं एवं समय-बोध आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने संस्कृत में अपने अनुभव एवं विचार व्यक्त किए तथा कार्यशाला के दौरान अर्जित भाषायी कौशल का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षक सागर चौधरी ने प्रतिभागियों को नियमित रूप से संस्कृत के प्रयोग एवं अभ्यास के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत को केवल अध्ययन का विषय न मानकर दैनिक जीवन में व्यवहार की भाषा बनाने से इसका ज्ञान अधिक प्रभावी एवं स्थायी बनता है। अनुभव कथन डॉ० शिल्पा यादव, अल्पना तिवारी तथा सुरभि ने किया ।संस्कृत गीत अंशिका वर्मा और भावना दुबे ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वन्दना निगम ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारतीय ज्ञान-परम्परा की महत्त्वपूर्ण भाषा है और इसके अध्ययन से विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के साथ-साथ शिक्षण एवं अन्य विविध क्षेत्रों में नए अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या प्रो० अर्चना वर्मा ने संस्कृत को मानवीय मूल्यों के संरक्षण लिए आवश्यक माना । आई ० क्यू ० ए ० सी० कोऑर्डिनेटर प्रो० सुगन्धा तिवारी ने संस्कृत को भारत की संस्कृति का आधार बताया। संस्कृत विभाग की वरिष्ठ सदस्या प्रो० प्रीति वाधवानी ने संस्कृत में रोजगार के अवसरों को बताते हुए संस्कृत की जीवन में उपयोगिता विषय पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों में संस्कृत भाषा के प्रति आत्मविश्वास एवं रुचि का विकास हुआ। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे संस्कृत भाषा-प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभागिता की इच्छा व्यक्त की।
कार्यक्रम में चीफ प्राक्टर प्रो.अर्चना श्रीवास्तव, कार्यालय अधीक्षक कृष्णेन्द्र श्रीवास्तव, प्रो.अंजलि श्रीवास्तव, प्रो० सुमन सिंह, डॉo अर्चना दीक्षित,प्रो० अभिलाषा, प्रो० शिखा पाण्डे, प्रो0 उपासना वर्मा, डॉ. कुमदलता सिंह, डॉ.अलका सिंह, डॉ.साधना सिंह, डॉ.विमला देवी, डा.कविता विश्नोई, डा० सबा परवीन, डॉ० शैल कुमारी, डाo प्रियदर्शनी, आदि उपस्थित रहे। अन्त में कल्याणमन्त्र से कार्यक्रम का समापन किया गया।

