होमगार्ड भर्ती में घूसखोरी के आरोपी दोनों डॉक्टरों को जमानत, जिला जज की अदालत से मिली राहत

होमगार्ड भर्ती में घूसखोरी के आरोपी दोनों डॉक्टरों को जमानत, जिला जज की अदालत से मिली राहत

अभ्यर्थियों से रुपये लेकर मेडिकल में पास कराने का आरोप, 16 अक्टूबर को भेजे गए थे जेल; कार से भागे सुजीत और प्रथम को पुलिस ने जारी किया नोटिस

कानपुर। होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण में अभ्यर्थियों से घूस लेकर पास कराने के मामले में जेल भेजे गए दोनों डॉक्टरों को राहत मिल गई है। जिला जज अनमोल पाल की अदालत ने उर्सला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार और डॉ. महेश कुमार द्विवेदी की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। दोनों डॉक्टरों को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वहीं, मामले में कार से भागे दो अन्य आरोपियों की पहचान होने के बाद पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है।

15 अक्टूबर को अभ्यर्थियों ने किया था हंगामा

कानपुर रिजर्व पुलिस लाइन में 1947 होमगार्ड अभ्यर्थियों का 15 से 29 अक्टूबर तक मेडिकल चेकअप और चरित्र सत्यापन होना था। प्रक्रिया के पहले दिन 15 अक्टूबर को ही अभ्यर्थियों ने घूस मांगने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया था। अभ्यर्थियों ने उर्सला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. महेश कुमार, घाटमपुर सीएचसी के डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत और कार चालक अजीत कुमार पर रुपये लेकर मेडिकल में पास कराने का आरोप लगाया था। इस दौरान अभ्यर्थियों ने उनके साथ मारपीट भी की थी।

पुलिस ने चारों को हिरासत में लिया था। हालांकि, डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत पर आरोप साबित नहीं होने के चलते उन्हें छोड़ दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से डॉ. प्रवीण और डॉ. महेश को जेल भेजा गया, जबकि चालक अजीत का कोर्ट ने न्यायिक रिमांड खारिज कर दिया था।

शासन से मंजूरी नहीं लेने का दिया तर्क

दोनों डॉक्टरों की ओर से जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई से पहले शासन से आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी। इसके अलावा दोनों डॉक्टरों के पास से रुपये की कोई बरामदगी भी नहीं हुई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज अनमोल पाल ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।

सुजीत और प्रथम को पूछताछ के लिए नोटिस

एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने बताया कि कार से भागे दो लोगों सुजीत और प्रथम की पहचान कर ली गई है। दोनों को पूछताछ कर बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया गया है। अगले दो-तीन दिनों में उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।

पुलिस अब तक 10 अभ्यर्थियों के बयान दर्ज कर चुकी है। अभ्यर्थियों ने बताया कि नकद रुपये अजीत को दिए गए थे, जबकि सुजीत और प्रथम के खातों में यूपीआई के माध्यम से रकम ट्रांसफर की गई थी। वहीं, डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत ने अभ्यर्थियों को जो मोबाइल नंबर दिए थे, उनकी भी जांच की जा रही है। पुलिस लेनदेन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

 

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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