देवसढ़ गांव में बीमारी का प्रकोप, दो दर्जन से अधिक लोग बीमार
दो लोगों की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश, झोलाछाप डॉक्टरों पर मनमानी वसूली का आरोप

कानपुर। भीतरगांव विकासखंड क्षेत्र के देवसढ़ गांव में पिछले कई महीनों से बीमारी फैलने के कारण ग्रामीण परेशान हैं। गांव में दो दर्जन से अधिक लोगों के बीमार होने की बात सामने आई है। वहीं, दो लोगों की मौत से ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक, अमित की करीब चार दिन पहले, जबकि विकास की लगभग 12 दिन पहले मौत हो गई थी।
गांव में हालात ऐसे हैं कि कई परिवारों में तीन से चार लोग बीमार पड़े हैं। इससे ग्रामीणों को इलाज कराने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर मजदूर और किसान परिवार महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लगाया था शिविर
गांव में बीमारी फैलने की सूचना मिलने पर भीतरगांव के चिकित्सा अधिकारी मनीष तिवारी ने प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर लगवाया था। इसके अलावा ग्राम प्रधान की ओर से गांव की कुछ नालियों में दवा का छिड़काव भी कराया गया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद कई लोग बीमार हैं और उन्हें उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।
झोलाछाप डॉक्टरों पर मनमानी वसूली का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में झोलाछाप डॉक्टर मनमाने तरीके से इलाज कर रहे हैं और मरीजों से अधिक पैसे वसूल रहे हैं। गरीब मजदूर और किसान परिवार आर्थिक तंगी के चलते बड़े अस्पतालों में इलाज कराने में असमर्थ हैं। ऐसे में उन्हें मजबूरी में स्थानीय डॉक्टरों के पास जाना पड़ रहा है।
लगेगा स्वास्थ्य शिविर
सोमवार को वर्ल्ड खबर एक्सप्रेस की टीम गांव पहुंची और वहां ग्रामीणों से बात करने के बाद भीतरगांव के चिकित्सा अधिकारी मनीष तिवारी से फोन पर बात की गई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। साथ ही दवाओं का छिड़काव भी कराया जाएगा, जिससे बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
गांव में बीमारी के प्रकोप और दो लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि गांव में व्यापक स्वास्थ्य जांच कराकर बीमार लोगों को उचित उपचार उपलब्ध कराया जाए और बीमारी फैलने के कारणों का पता लगाकर रोकथाम की व्यवस्था की जाए।


