ट्रांसगंगा सिटी पुल निर्माण में अटका जलकल कॉलोनी शिफ्टिंग का पेच
सेतु निगम ने आवासीय परिसर बनाने से खींचे हाथ, जलकल को नई जमीन लेकर आवास बनाने की जिम्मेदारी
कानपुर। उन्नाव की ट्रांसगंगा सिटी को कानपुर शहर से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर प्रस्तावित 4.2 किलोमीटर लंबे Y आकार के फोरलेन पुल के निर्माण की राह में जलकल की आवासीय कॉलोनी शिफ्टिंग का पेच फंस गया है। भैरवघाट पंपिंग स्टेशन के पास स्थित जलकल कॉलोनी पुल की जद में आ रही है। पहले कॉलोनी को दूसरी जगह शिफ्ट करने की जिम्मेदारी सेतु निगम की थी, लेकिन अब निगम ने आवासीय परिसर बनाने में असमर्थता जताते हुए यह जिम्मेदारी जलकल विभाग को देने को कहा है।
सेतु निगम के महाप्रबंधक ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर कॉलोनी को दूसरी जगह स्थानांतरित कराने की जिम्मेदारी जलकल को सौंपने का अनुरोध किया है। इसके लिए यूपीसीडा की ओर से करीब 16.50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इस धनराशि में नई जमीन खरीदने, आवास निर्माण और कॉलोनी शिफ्टिंग से जुड़े खर्च शामिल होंगे।
32 आवास पुल की राह में
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) उन्नाव जिले में गंगा नदी के किनारे करीब 1,165 एकड़ में ट्रांसगंगा सिटी विकसित कर रहा है। इसे कानपुर से जोड़ने के लिए सेतु निगम द्वारा वीआईपी रोड (रानीघाट) से ट्रांसगंगा सिटी के धोबीघाट तक करीब 753 करोड़ रुपये की लागत से Y आकार का फोरलेन पुल बनाया जाना प्रस्तावित है।
पुल का एक हिस्सा भैरवघाट पंपिंग स्टेशन के पास उतरेगा। इसी क्षेत्र में जलकल की आवासीय कॉलोनी है। कॉलोनी में कुल 32 आवास हैं, जिनमें 24 कर्मचारियों और आठ अधिकारियों के लिए हैं। पुल निर्माण के रास्ते में कॉलोनी आने के कारण इसे दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाना है। इसके लिए पहले निरीक्षण भी किया जा चुका है।
सेतु निगम बोला- पुल बना सकते हैं, आवास नहीं
सेतु निगम ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वह पुल निर्माण का कार्य कर सकता है, लेकिन आवासीय परिसर का निर्माण उसके कार्यक्षेत्र में नहीं है। ऐसे में जलकल विभाग को नई जमीन चिह्नित कर आवास बनाने और कर्मचारियों को वहां स्थानांतरित करने की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव रखा गया है।
यूपीसीडा की ओर से इस कार्य के लिए करीब 16.50 करोड़ रुपये दिए जाने हैं। जलकल विभाग जमीन खरीदने और आवास निर्माण की प्रक्रिया पूरी करेगा।
30 सितंबर तक शिफ्ट होगी राइजिंग मेन
पुल परियोजना के तहत भैरवघाट पंपिंग स्टेशन की राइजिंग मेन लाइन को भी शिफ्ट किया जाना है। सेतु निगम का निर्माण विभाग यह काम करा रहा है। शिफ्टिंग कार्य के सुपरविजन चार्ज के लिए विभाग को छह अगस्त को धनराशि मिल चुकी है और इसे 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सेतु निगम की ओर से भैरवघाट पंपिंग स्टेशन पर मिट्टी की जांच भी कराई जा रही है।
खाली आवासों में भेजे गए ज्यादातर कर्मचारी
जलकल के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी के मुताबिक, कॉलोनी में कुल 32 आवास हैं। इनमें 24 कर्मचारियों और आठ अधिकारियों के लिए हैं। कॉलोनी में रहने वाले ज्यादातर कर्मचारियों को विभाग की अन्य खाली कॉलोनियों में शिफ्ट किया जा चुका है।
नई कॉलोनी के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर केडीए से बातचीत हुई है। जमीन खरीदने और आवास निर्माण के लिए यूपीसीडा धनराशि उपलब्ध कराएगा, जबकि आवास निर्माण का कार्य जलकल विभाग स्वयं कराएगा।

