घटिया निर्माण देख भड़के सीडीओ, सामग्री की लैब जांच के निर्देश
पतारा में पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय परिसर में बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण, 15 दिन में निर्माण पूरा कराने के निर्देश
कानपुर। पतारा में निर्माणाधीन पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय परिसर में बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन ने नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया और इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता परखने के निर्देश दिए। सीडीओ ने ईंट, सीमेंट, मोरंग और सरिया समेत अन्य सामग्री के नमूने लेकर उनकी लैब से जांच कराने को कहा।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने निर्माण की प्रगति के साथ ही भवन में इस्तेमाल की जा रही सामग्री और निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी ली। मौके पर काम की गुणवत्ता में कमियां सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी भवनों के निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं होने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली प्रत्येक सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। निर्माण कार्य केवल कागजों में पूरा दिखाने के बजाय मौके पर निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए। सीडीओ ने अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और प्रत्येक चरण की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए।
40 प्रतिशत काम पूरा, 15 दिन में पूरा कराने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सीडीओ को बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र का करीब 40 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस पर सीडीओ ने शेष निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को अगले 15 दिनों में काम पूरा कराने को कहा।
सीडीओ ने कहा कि निर्माण कार्य में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। जल्दबाजी में मानकों से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा करने और किसी भी स्तर पर कमी मिलने पर तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए।
सामग्री की गुणवत्ता जांच पर जोर
सीडीओ ने निर्माण में इस्तेमाल हो रही ईंट, सीमेंट, मोरंग और सरिया की गुणवत्ता को लेकर विशेष रूप से जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सामग्री की लैब जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसकी पुष्टि हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच में सामग्री की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं मिली तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निर्माण स्थल पर गुणवत्ता से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और निर्माण कार्य की निगरानी में किसी तरह की लापरवाही न हो।
एफएलएन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी परखा
- इसके बाद सीडीओ ने बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान (एफएलएन) के लिए चल रहे शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं और प्रशिक्षण की प्रक्रिया का जायजा लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी कुछ कमियां मिलने पर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
- सीडीओ ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने, शिक्षकों को निर्धारित पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण गतिविधियों के अनुसार प्रशिक्षण देने तथा व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एफएलएन कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में शुरुआती स्तर पर भाषा और गणित की बुनियादी समझ विकसित करना है, इसलिए प्रशिक्षण में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
- उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और शिक्षकों को चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को तत्काल दूर किया जाए। भविष्य में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
- निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक आलोक कुमार, बीडीओ शिव नरेश, ग्राम पंचायत सचिव सैलेंद्र गोस्वामी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सीडीओ ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य और प्रशिक्षण कार्यक्रम दोनों की नियमित निगरानी करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य सुनिश्चित कराया जाए।

