पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से गांवों में बाढ़ जैसे हालात, सड़क पर 3 से 4 फीट पानी
मेहरबान सिंह पुरवा मार्ग पर तेज बहाव, वाहनों को निकालने की कोशिश में फंस रहे लोग; एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
कानपुर। लगातार तीन दिन हुई बारिश के बाद पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बर्रा क्षेत्र में मेहरबान सिंह पुरवा की ओर जाने वाली सड़क पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। पानी का बहाव तेज होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज बहाव के बीच वाहन निकालने की कोशिश में कई लोग फंस रहे हैं।
स्थिति बिगड़ती देख जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। शनिवार से एनडीआरएफ की टीम भी प्रभावित गांवों में पहुंच गई। टीम ने मोटरबोट की मदद से पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया। प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर और जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
ट्रैक्टर से गांवों का निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व सांसद

बाढ़ जैसे हालात के बीच यूपी सरकार में मंत्री रह चुके और पूर्व सांसद सुखराम सिंह यादव भी ट्रैक्टर से प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने पांडु नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित करीब आधा दर्जन गांवों का ट्रैक्टर से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और हालात की जानकारी ली।
25 दिन पहले भी बिगड़े थे हालात
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 25 दिन पहले भी पिपौरी गांव के ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। उस समय भी नदी का पानी बढ़ने से गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। अब दोबारा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
बर्रा क्षेत्र में मेहरबान सिंह पुरवा की ओर जाने पर कई स्थानों पर सड़क पर पांडु नदी का पानी बहता दिखाई दे रहा है। कुछ जगह पानी इतना अधिक है कि छोटे वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। तेज बहाव के कारण लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है।
मायापुरम समेत इन बस्तियों में ज्यादा असर
पांडु नदी के किनारे बसी मायापुरम, बिहारीपुरवा और रविदासपुरम बस्ती में जलभराव का असर ज्यादा बताया जा रहा है। पानी भरने के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं गोविंदनगर विधायक ने रविवार को करीब चार घंटे तक कई प्रभावित स्थानों का निरीक्षण किया था। जिला प्रशासन की टीमें भी लगातार पांडु नदी से प्रभावित इलाकों पर नजर रखे हुए हैं। जरूरत के अनुसार रेस्क्यू टीमों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
लगातार बारिश और पांडु नदी के बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता फिर बढ़ा दी है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

