शादी की तीसरी सालगिरह पर मातम: गुजैनी में मां ने 14 माह की बच्ची को दूसरी मंजिल से फेंका, पति ने बचाई जान; खुद कूदने से महिला की मौत

शादी की तीसरी सालगिरह पर मातम: गुजैनी में मां ने 14 माह की बच्ची को दूसरी मंजिल से फेंका, पति ने बचाई जान; खुद कूदने से महिला की मौत

कानपुर में बहन के घर छोड़कर जाने से नाराज थी महिला, दो दिन तक हैलट अस्पताल में चला इलाज; रविवार सुबह तोड़ा दम
कानपुर। शहर के गुजैनी थाना क्षेत्र के मर्दनपुर में एक परिवार की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। शादी की तीसरी सालगिरह पर केक काटने और खुशियां मनाने के कुछ घंटे बाद परिवार में विवाद हो गया। इसके बाद नाराज होकर एक महिला अपनी 14 माह की बच्ची को लेकर दूसरी मंजिल पर पहुंची। आरोप है कि महिला ने पहले बच्ची को नीचे फेंक दिया। नीचे मौजूद पति ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को कैच कर लिया, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद महिला ने भी छत से छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल महिला ने दो दिन तक चले उपचार के बाद रविवार सुबह दम तोड़ दिया।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची गुजैनी पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सालगिरह पर घर में मनाई गई थीं खुशियां
मर्दनपुर निवासी नूर आलम सिलाई का काम करते हैं। परिवार में उनकी पत्नी रोशनी (20) और 14 माह की बेटी थी। नूर आलम के मुताबिक, 7 अक्टूबर को उनकी शादी की तीसरी सालगिरह थी। इस मौके पर रोशनी की बड़ी बहन ईशरत भी घर आई थीं। परिवार के लोगों ने साथ मिलकर केक काटा और खाना खाया।
बताया गया कि देर रात किसी बात को लेकर नूर आलम और उनकी साली ईशरत के बीच बहस हो गई। विवाद से नाराज होकर ईशरत घर से जाने लगीं। रोशनी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वह जाने की जिद पर अड़ी रहीं। बड़ी बहन के घर से जाने से नाराज रोशनी अपनी बच्ची को लेकर दूसरी मंजिल पर पहुंच गईं।
पहले बच्ची को नीचे फेंका, फिर खुद लगाई छलांग
परिजनों के अनुसार, दूसरी मंजिल पर पहुंचने के बाद रोशनी ने अपनी 14 माह की बच्ची को नीचे फेंक दिया। नीचे मौजूद नूर आलम ने तुरंत बच्ची को कैच कर लिया। इससे बच्ची की जान बच गई। इसके बाद रोशनी ने भी दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी।
अचानक हुई इस घटना से घर में अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर पहले तक सालगिरह की खुशियां मना रहे परिवार में चीख-पुकार शुरू हो गई। परिजन दोनों को तत्काल निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्ची की हालत खतरे से बाहर बताई, जबकि रोशनी गंभीर रूप से घायल थीं।
हैलट अस्पताल में दो दिन चला इलाज
निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद रोशनी की हालत नाजुक होने पर 9 अक्टूबर को उन्हें हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। रविवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
रोशनी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शादी की सालगिरह पर शुरू हुई खुशियां एक दर्दनाक घटना में बदल गईं।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की जानकारी मिलने पर गुजैनी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा के मुताबिक, मामले में परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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