सोना-चांदी में नवंबर के पहले हफ्ते में मामूली तेजी

सोना 1398 बढ़कर 1.41 लाख का हुआ; चांदी 1524 बढ़ी, 1.83 लाख प्रति किलो बिक रही

अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें
  • ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं।
  • खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है।
  • लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं।
  • पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे।

ऑल टाइम हाई से 2 लाख रुपए सस्ती हुई चांदी

इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक चांदी 2 लाख रुपए सस्ती हो गई है।

वहीं, 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 35 हजार रुपए सस्ता हो चुका है।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

  • सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
  • कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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