कानपुर में कोडीन कफ सिरप का बड़ा नेटवर्क रडार पर, ट्रांसपोर्टरों की कुंडली खंगाल रही एएनटीएफ
25 हजार शीशियां बरामद होने के बाद हड़कंप, अब क्राइम ब्रांच करेगी जांच; दूसरे प्रदेश में भी छापेमारी की तैयारी
कानपुर। ट्रांसपोर्ट नगर में राजधानी इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट के गोदाम से कोडीनयुक्त कफ सिरप की 25 हजार शीशियां बरामद होने के बाद प्रतिबंधित दवाओं के कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज हो गई है। आरोपी मिहिर कुमार ठाकुर से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की कानपुर और लखनऊ इकाइयों की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई है। टीम गोपनीय तरीके से ट्रांसपोर्टरों के संपर्कों और कारोबार से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी विवेचना क्राइम ब्रांच करेगी। जांच में इंटेलिजेंस की भी मदद ली जा रही है। वहीं, एक टीम दूसरे प्रदेश के लिए रवाना की गई है। अधिकारियों को वहां भी बड़ी बरामदगी की उम्मीद है।
गोदाम में छापेमारी के दौरान मिले 250 कार्टन
एएनटीएफ ने गुरुवार देर रात ट्रांसपोर्ट नगर के ढकनापुरवा स्थित एक मकान में बने गोदाम पर छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाले कोडीनयुक्त कफ सिरप के 250 कार्टन बरामद किए गए। इनमें टर्बो-टी नाम का कफ सिरप रखा हुआ था। बरामदगी के बाद टीम ने मौके से बिहार के मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के मगरपट्टी निवासी मिहिर कुमार ठाकुर को हिरासत में लिया।
शुक्रवार सुबह एएनटीएफ की लखनऊ इकाई की सीओ नित्या गोस्वामी के नेतृत्व में टीम कानपुर पहुंची और आरोपी से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि ट्रांसपोर्ट नगर स्थित राजधानी इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट के गोदाम में कथित तौर पर पिछले चार वर्षों से कोडीनयुक्त सिरप का भंडारण किया जा रहा था। यहां से सिरप को अलग-अलग स्थानों पर भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई।
पूछताछ में कुछ ट्रांसपोर्टरों के नाम आए सामने
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने ट्रांसपोर्ट नगर के कुछ ट्रांसपोर्टरों के नाम भी बताए हैं। इनके कथित रूप से इस कारोबार से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। इसी जानकारी के आधार पर कानपुर और लखनऊ की एएनटीएफ इकाइयों की संयुक्त टीम ट्रांसपोर्टरों के नेटवर्क, माल की आवाजाही और सप्लाई से जुड़े संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सिरप कहां से मंगाया जाता था, किन स्थानों पर भेजा जाता था और इस पूरे नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका रही है। हालांकि, पूछताछ में सामने आए नामों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दरोगा अमन सिंह की तहरीर पर एफआईआर
एएनटीएफ टीम ने बरामदगी और आरोपी को हिरासत में लेने के बाद बाबूपुरवा थाने में तहरीर दी थी। विभाग के दरोगा अमन सिंह की तहरीर पर मिहिर कुमार ठाकुर, आशुतोष तिवारी, समित यादव और पंकज धीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि मामले की विवेचना स्थानीय थाने के बजाय क्राइम ब्रांच करेगी।
क्राइम ब्रांच अब बरामदगी से जुड़े तथ्यों, आरोपियों की भूमिका और सिरप की आपूर्ति के संभावित नेटवर्क की जांच करेगी। दूसरे प्रदेश में भेजी गई टीम की कार्रवाई भी जांच के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
पुराने कफ सिरप मामले से भी जुड़े तार खंगाले जाएंगे
कानपुर में इससे पहले भी औषधियों की आड़ में एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की कथित सप्लाई का मामला सामने आ चुका है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने पिछले वर्ष इस संबंध में छापेमारी की थी। जांच के दौरान फीलखाना के पटकापुर निवासी अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक विनोद अग्रवाल, उनके बेटे शिवम अग्रवाल समेत 11 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
इस मामले की विवेचना भी क्राइम ब्रांच ने की थी और इसमें करीब पांच हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अब नए मामले की जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या दोनों प्रकरणों के बीच कोई संबंध है या इनका नेटवर्क अलग-अलग है।
फिलहाल, 25 हजार शीशियों की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों का ध्यान सिरप के भंडारण, परिवहन और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है। आने वाले दिनों में पूछताछ और दूसरे प्रदेश में होने वाली कार्रवाई से मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

