कानपुर में राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, पांच फर्मों के आठ प्रतिष्ठानों पर छापेमारी; 3.85 करोड़ की कर चोरी पकड़ी
फर्जी निर्यात और आईटीसी पास ऑन करने का खुलासा, एक कारोबारी ने मौके पर जमा कराए 35 लाख रुपये
कानपुर नगर। राज्य कर विभाग ने बृहस्पतिवार को पान मसाला, तंबाकू और जर्दा कारोबार से जुड़ी पांच फर्मों के आठ प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में बिना वास्तविक माल की आपूर्ति किए फर्जी बिलिंग, कागजों पर निर्यात और अवैध खरीद-बिक्री के जरिए कर चोरी किए जाने का मामला सामने आया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में करीब 3.85 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है। कार्रवाई के दौरान एक कारोबारी ने मौके पर ही 35 लाख रुपये जमा करा दिए।
राज्य कर आयुक्त उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा अपर आयुक्त राज्य कर जोन प्रथम सान्या छाबड़ा और अपर आयुक्त ग्रेड-1 जोन द्वितीय कुमार आनंद के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। कानपुर जोन प्रथम और द्वितीय की विशेष अनुसंधान शाखा के 24 अधिकारी और कर्मचारी कार्रवाई में शामिल रहे।
जांच के दौरान हैरिसगंज कैंट स्थित एमएंडएन इंटरप्राइजेज में अधिकारियों को बिना माल की वास्तविक आपूर्ति किए दिल्ली की कुछ फर्मों को बिक्री के फर्जी बिल जारी करने के साक्ष्य मिले। रिटर्न में जीएसटी पंजीकृत फर्मों को बिक्री दर्शाई गई थी, जबकि वास्तविक बिक्री अपंजीकृत व्यापारियों को किए जाने की जानकारी सामने आई। फर्म ने करीब 4.90 करोड़ रुपये का टर्नओवर दिखाकर 1.34 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास ऑन की थी। मौके से करीब 70 लाख रुपये का अघोषित तंबाकू, पान मसाला और सिगरेट सीज किया गया। इस मामले में शुरुआती तौर पर 30 लाख रुपये की कर चोरी पकड़ी गई।
हर्षनगर स्थित एक फर्म की जांच में फर्जी निर्यात दिखाकर अनुचित तरीके से जीएसटी रिफंड क्लेम करने का मामला सामने आया। करीब चार करोड़ रुपये के ई-वे बिल में दर्शाए गए वाहनों का मूवमेंट व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम पर नहीं मिला। इस फर्म में लगभग 1.60 करोड़ रुपये की कर चोरी सामने आई।
इसी क्षेत्र की एक अन्य फर्म में भी फर्जी निर्यात के जरिए कर चोरी किए जाने का खुलासा हुआ। करीब 3.70 करोड़ रुपये के ई-वे बिल में दर्ज वाहनों की आवाजाही का कोई प्रमाण पोर्टल पर नहीं मिला। जांच में लगभग 1.45 करोड़ रुपये की कर चोरी का पता चला।
वहीं, नयागंज स्थित श्री बालाजी ट्रेडर्स के स्टॉक की जांच में बड़ा अंतर मिला। पोर्टल पर दाखिल विवरण के अनुसार प्रतिष्ठान में एक करोड़ रुपये से अधिक का माल होना चाहिए था, लेकिन मौके पर केवल 24.35 लाख रुपये का स्टॉक मिला। जांच में करीब 1.26 करोड़ रुपये के स्टॉक का अंतर सामने आया, जिस पर कर जमा नहीं किया गया था। विभाग ने इस मामले में 50 लाख रुपये की कर चोरी पकड़ी।
लाटूश रोड स्थित जर्दा और पान मसाला कारोबारी गुप्ताजी इंटरप्राइजेज के यहां भी स्टॉक में करीब 80 लाख रुपये का अंतर पाया गया। अधिकारियों ने मौके से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। कार्रवाई के दौरान व्यापारी ने 35 लाख रुपये जमा करा दिए।
अपर आयुक्त सान्या छाबड़ा ने बताया कि यह कार्रवाई उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर की गई। जांच में करोड़ों रुपये की कर चोरी सामने आई है। विभाग की ओर से जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


