एटीएस के हत्थे चढ़े अंकित शंखवार को मां ने बताया निर्दोष, दोस्त पर लगाया फंसाने का आरोप
मां सावित्री बोलीं- शेयर मार्केट में पैसा लगाता था बेटा, परिवार का खर्च और इलाज भी उठा रहा था; छह दिन से नहीं मिली कोई जानकारी

कानपुर नगर। यूपी एटीएस द्वारा सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के सकरारपुर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट से गिरफ्तार किए गए अंकित शंखवार के मामले में अब परिवार की ओर से कई अहम बातें सामने आई हैं। अंकित की मां सावित्री ने बेटे को निर्दोष बताते हुए दावा किया है कि उसका किसी भी आतंकी या आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बर्रा-आठ दामोदर नगर निवासी उसके एक दोस्त पर बेटे को फंसाने का आरोप लगाया है।
मूलरूप से सजेती थाना क्षेत्र के अनोइया गांव निवासी प्रहलाद संखवार पहले बर्रा के दामोदर नगर में किराये पर रहते थे। उन्होंने 20 जुलाई 2025 को दो लाख रुपये में सकरारपुर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के ब्लॉक पांच में एक कमरे का फ्लैट खरीदा था। इसी मकान में प्रहलाद अपनी पत्नी सावित्री और छोटे बेटे अंकित के साथ रहते थे।
आर्थिक तंगी के चलते छूटी पढ़ाई
परिजनों के मुताबिक, परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अंकित इंटरमीडिएट के बाद आगे पढ़ाई नहीं कर सका। पिता प्रहलाद आज भी हाथ रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाते हैं, जबकि मां सावित्री मजदूरी करती हैं। अंकित भी कभी-कभी मजदूरी करता था। परिवार का कहना है कि वह मोबाइल और लैपटॉप पर काफी समय बिताता था और पूछने पर शेयर मार्केट में निवेश करने की बात कहता था।
शेयर मार्केट से कमाई का करता था दावा
भाभी ममता के मुताबिक, अंकित ने वर्ष 2021 में स्कूटी खरीदी थी। वह अक्सर शेयर मार्केट में पैसा लगाने और मुनाफा कमाने की बात करता था। यहां तक कि उसने अपने बड़े भाई अतीत को भी मुनाफे से प्रधानमंत्री आवास योजना में फ्लैट दिलाने का आश्वासन दिया था। परिजनों का कहना है कि अंकित अपनी मां के लीवर और आंखों का इलाज भी निजी अस्पताल में करा रहा था।
कॉलोनी से दो लोग ले गए थे अंकित को
भाभी ममता ने बताया कि शनिवार को वह अंकित के साथ कॉलोनी में घूम रही थीं। इसी दौरान दो लोग पहुंचे और अंकित को अपने साथ ले गए। उन्होंने पूछताछ के बाद छोड़ने की बात कही थी, लेकिन परिवार को छह दिनों से उसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिजनों का दावा है कि उन्होंने थाने और चौकी के कई चक्कर लगाए, लेकिन उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिली।
अंकित की गिरफ्तारी के बाद बड़ा भाई भी लापता
परिवार के मुताबिक, अंकित को एटीएस द्वारा ले जाए जाने के बाद उसका बड़ा भाई अतीत भी घर से गायब है। पत्नी ममता का कहना है कि उसका फोन नहीं लग रहा है। करवाचौथ के त्योहार पर भी वह घर नहीं पहुंचा।
कार खरीदने की कर रहा था तैयारी
परिजनों के बीच चर्चा है कि अंकित हाल ही में नई कार खरीदने की तैयारी कर रहा था। उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए परिवार के लोगों ने उससे पूछा भी था कि कार खरीदने के लिए इतने रुपये कहां से आएंगे। पिता प्रहलाद का दावा है कि उनका बेटा कभी कानपुर से बाहर नहीं गया, जबकि मां सावित्री को अब भी भरोसा नहीं हो रहा कि उनका बेटा किसी आतंकी गतिविधि में शामिल हो सकता है।
फिलहाल परिवार की ओर से लगाए गए आरोप और अंकित की कथित गतिविधियों को लेकर किए गए दावे जांच का विषय हैं। एटीएस की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


