पीडीए चौपाल में मंच को लेकर छिड़ा विवाद, जिला पंचायत सदस्य के पति ने जताई नाराजगी
कानपुर। बिधनू के रमईपुर स्थित एक गेस्ट हाउस में रविवार को समाजवादी पार्टी की ओर से पीडीए जनसंवाद चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को एकजुट करने के साथ आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिठूर विधानसभा के पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला ने की। एटा के सपा सांसद देवेश शाक्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर जाने को लेकर विवाद हो गया। कठारा से जिला पंचायत सदस्य सोनी पासवान अपने पति सोनू पासवान और समर्थकों के साथ चौपाल में पहुंची थीं। आरोप है कि सोनू पासवान जब मंच पर जाने लगे तो उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम स्थल के बाहर अपनी नाराजगी जाहिर की।
सोनू पासवान ने आरोप लगाया कि दलित समाज से होने के कारण उन्हें मंच पर जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि जब पार्टी पीडीए के तहत पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज को सम्मान और भागीदारी देने की बात करती है तो कार्यक्रम में इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि घटना से उन्हें काफी ठेस पहुंची है।
उन्होंने पार्टी के कार्यक्रमों में दलित और पिछड़े समाज के प्रतिनिधियों को उचित सम्मान दिए जाने की बात कही। उनके साथ मौजूद समर्थकों ने भी घटना को लेकर नाराजगी जताई।
हालांकि, कार्यक्रम आयोजकों ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया। आयोजकों का कहना था कि मंच पर स्थान सीमित था और कार्यक्रम की व्यवस्था के तहत केवल प्रमुख वक्ताओं और निर्धारित पदाधिकारियों को ही मंच पर बैठाया गया था। किसी को जाति के आधार पर मंच पर जाने से नहीं रोका गया।
मंच को लेकर हुए विवाद के बाद कुछ देर तक कार्यक्रम स्थल पर गहमागहमी का माहौल रहा। वहीं, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पीडीए जनसंवाद चौपाल में सामने आए इस विवाद को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।

