किसान की जमीन हड़पने का आरोप, फर्जी दस्तावेजों से 47.50 लाख में करा दिया बैनामा
सचेंडी के भैरमपुर गांव का मामला, पीड़ित ने मुख्यमंत्री और कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार
कानपुर। सचेंडी थाना क्षेत्र के भैरमपुर गांव में फर्जी दस्तावेजों के जरिए किसान की जमीन का बैनामा कराने का मामला सामने आया है। किसान राम औतार पुत्र सुखलाल ने आरोप लगाया है कि उनकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी आधार और पैन कार्ड के सहारे जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। पीड़ित ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और मंडलायुक्त से करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
राम औतार के मुताबिक वह ग्राम भैरमपुर स्थित आराजी संख्या 90 में 3.1590 हेक्टेयर भूमि के एक-चौथाई हिस्से के सह-स्वामी हैं। आरोप है कि 20 जून 2026 को दिग्विजय सिंह निवासी जुगराजपुर ने मनीष सिंह और कृष्ण बहादुर सिंह को गवाह बनाकर उपनिबंधक जोन-4 कार्यालय में फर्जी विक्रय अनुबंध (इकरारनामा) तैयार कराया।
इसके दो दिन बाद 22 जून को उपनिबंधक जोन-3 कार्यालय में कथित तौर पर फर्जी व्यक्ति को किसान राम औतार के रूप में पेश कर पूरी जमीन का बैनामा श्री माधव डेवलपर्स के पार्टनर सौरभ कुमार माहेश्वरी निवासी कैंट के पक्ष में करा दिया गया। बैनामे में जमीन की कीमत 47.50 लाख रुपये दर्शाई गई है। भुगतान के लिए एचडीएफसी बैंक के 32 लाख और 15.50 लाख रुपये के दो चेक का उल्लेख किया गया है।
तहसीलदार बोले- पुलिस में दर्ज कराएं एफआईआर
मामले में तहसीलदार सदर ने कहा कि यदि रजिस्ट्री गलत तरीके या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराई गई है तो इसकी शिकायत पुलिस से कर एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर क्षेत्रीय लेखपाल से भी मामले की जानकारी ली जाएगी और पीड़ित किसान को नियमानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जमीन को बताया आजीविका का सहारा
पीड़ित किसान का कहना है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है और कृषि भूमि ही उसके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। किसान ने पुलिस और प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।

