ट्रम्प के 2 साल के कामकाज का आज इम्तिहान

ट्रम्प के 2 साल के कामकाज का आज इम्तिहान

दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत दांव पर, हारे तो पावरलेस राष्ट्रपति बन जाएंगे

वॉशिंगटन।  अमेरिका में आज मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग होगी। भारतीय समय के मुताबिक शाम 4:30 बजे मतदान शुरू होगा। इन चुनावों में अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और उच्च सदन सीनेट की 35 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव के ठीक दो साल बाद मिडटर्म चुनाव कराए जाते हैं। इसमें संसद की सीटों और कुछ राज्यों में गवर्नर के पदों के लिए मतदान होता है। फिलहाल ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के पास संसद के दोनों सदनों में बहुमत है। अगर पार्टी इनमें से किसी एक सदन में भी बहुमत खो देती है, तो ट्रम्प के लिए अपने एजेंडे से जुड़े कानून पास कराना मुश्किल हो जाएगा।
अमेरिकी संसद में बहुमत का गणित

अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने के लिए अलग-अलग सीटों की जरूरत होती है।

सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटें जरूरी

  • सीनेट में कुल 100 सीटें हैं। अभी रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें हैं, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 45 हैं। इसके अलावा 2 निर्दलीय सांसद हैं, जो डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करते हैं। इस तरह दोनों पक्षों के बीच सीटों का अनुपात 53-47 है।
  • बहुमत के लिए 51 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। हालांकि, अगर दोनों पार्टियों के पास 50-50 सीटें होती हैं तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस निर्णायक वोट दे सकते हैं।
  • इस बार सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव होना है। इनमें 22 सीटें रिपब्लिकन और 13 सीटें डेमोक्रेटिक पार्टी के पास हैं। डेमोक्रेट्स को बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम 4 सीटों का शुद्ध फायदा उठाना होगा।

हाउस में बहुमत के लिए 218 सीटें जरूरी

  • अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं। यहां बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है।
  • इस बार हाउस की सभी 435 सीटों पर चुनाव होना है यानी हर सीट पर मुकाबला होगा। जिस पार्टी को 218 या उससे ज्यादा सीटें मिलेंगी, वह सदन में बहुमत हासिल कर लेगी।
  • इस तरह मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को दोनों सदनों में अपना बहुमत बचाना होगा, जबकि डेमोक्रेट्स की कोशिश दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने की होगी।

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में 4 बड़े मुद्दे…

1. ईरान युद्ध और महंगाई

ईरान युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका में डीजल 70% और पेट्रोल 50% तक महंगा हुआ है। ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 31% पर आ गई है। ईंधन की बढ़ती कीमतें मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती हैं। रूस से 3 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा डीजल खरीदने के फैसले पर भी ट्रम्प की आलोचना हो रही है।

2. इमिग्रेशन और अवैध प्रवासी

ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के पहले 18 महीनों में करीब 9.8 लाख लोगों को डिपोर्ट किया गया। मेक्सिको बॉर्डर पर अवैध घुसपैठ 95% घटी। लेकिन छापेमारी और बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को भी निकालने का विरोध हो रहा है। डेमोक्रेट्स का आरोप है कि इससे परिवार बिछड़ रहे हैं, जबकि खेती और निर्माण जैसे क्षेत्रों में मजदूरों की कमी हो सकती है।

3. टैरिफ और नौकरियां

ट्रम्प ने टैरिफ से अमेरिकी कंपनियों और नौकरियों को फायदा पहुंचाने का वादा किया था। लेकिन इससे गाड़ियों, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ों और निर्माण सामग्री की कीमतें 12% से 18% तक बढ़ने का दावा है। टैरिफ से अमेरिकी परिवारों का खर्च बढ़ा है और दूसरे देशों के जवाबी टैरिफ से किसानों के सोयाबीन और मक्का कारोबार पर असर पड़ा है।

4. गर्भपात का अधिकार और महंगा इलाज

केएफएफ के सर्वे के मुताबिक, 68% महिला वोटरों और 18 से 29 साल के 74% युवाओं के लिए गर्भपात का अधिकार बड़ा चुनावी मुद्दा है। डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि महिलाओं को गर्भपात कराने का कानूनी अधिकार पूरे देश में मिले। वहीं, रिपब्लिकन चाहते हैं कि हर राज्य खुद तय करे कि वहां गर्भपात की अनुमति होगी या नहीं। वहीं, ओबामाकेयर के तहत 2.13 करोड़ लोग स्वास्थ्य बीमा का लाभ लेते हैं। सरकारी मदद घटने पर बीमा महंगा होने का मुद्दा भी चुनाव में अहम है।

सीनेट की 5 सीटों पर कड़ा मुकाबला

1. टेक्सास: रिपब्लिकन केन पैक्सटन और डेमोक्रेट जेम्स टैलारिको के बीच मुकाबला बराबरी का है। अक्टूबर के दो सर्वे में दोनों को 49% वोट मिले, जबकि एक अन्य सर्वे में टैलारिको 3.8 पॉइंट आगे हैं।

2. ओहायो: रिपब्लिकन जॉन हस्टेड का मुकाबला डेमोक्रेट शेरोड ब्राउन से है। सर्वे में ब्राउन 4 से 6 पॉइंट आगे हैं। यह सीट रिपब्लिकन के लिए बहुमत बचाने के लिहाज से अहम है।

3. नॉर्थ कैरोलाइना: डेमोक्रेट रॉय कूपर सर्वे में 52% वोट के साथ रिपब्लिकन माइकल वाटले से 13 पॉइंट आगे हैं। माइकल को 39% वोट मिले हैं।

4. मिशिगन: डेमोक्रेट अब्दुल अल-सईद को रिपब्लिकन माइक रोजर्स के मुकाबले मामूली बढ़त मिली है। सर्वे में अल-सईद 50% और रोजर्स 48% पर हैं।

5. मेन: डेमोक्रेट ट्रॉय जैक्सन सर्वे में 49% वोट के साथ रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स (47%) से आगे हैं। कॉलिन्स को 47% वोट मिले हैं।

समोसा कॉकस; 6 भारतवंशी मैदान में, रामास्वामी भी रेस में

अमेरिका में भारतीय मूल के नेताओं को समोसा कॉकस कहा जाता है। मौजूदा सदस्य अमी बेरा, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और सुहास सुब्रमण्यम कैलिफोर्निया, वॉशिंगटन और वर्जीनिया से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। एरिजोना से अमीश शाह और फ्लोरिडा से पिया डांडिया भी हाउस उम्मीदवार हैं। सभी छह डेमोक्रेट हैं।

इस बार दो सीटों पर भारतीय मूल के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। कैलिफोर्निया में रो खन्ना का मुकाबला रिपब्लिकन रितेश टंडन से है। वहीं, वॉशिंगटन में प्रमिला जयपाल के सामने रिपब्लिकन नीरव शेठ हैं।

राजा कृष्णमूर्ति सीनेट चुनाव की डेमोक्रेटिक प्राइमरी हार गए, जबकि श्री थानेदार हाउस की प्राइमरी में हारकर बाहर हो गए। अमीश शाह और पिया डांडिया जीतते हैं तो समोसा कॉकस की संख्या छह बनी रह सकती है।

वहीं, रिपब्लिकन विवेक रामास्वामी ओहायो से गवर्नर उम्मीदवार हैं। उनका मुकाबला डेमोक्रेट एमी एक्टन से है। जीतने पर वे बॉबी जिंदल और निक्की हेली के बाद अमेरिका के तीसरे भारतीय मूल के गवर्नर होंगे।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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