गर्ग एविएशन का एयर सेफ्टी ऑडिट शुरू, डीजीसीए टीम ने खंगाले सुरक्षा मानक
कानपुर। सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और नियामक शर्तों के पालन में कथित खामियों के आरोपों से घिरी गर्ग एविएशन का एयर सेफ्टी और तकनीकी ऑडिट गुरुवार से शुरू हो गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की टीम कैंट स्थित गर्ग एविएशन पहुंची और जांच की प्रक्रिया शुरू की। ऑडिट तीन से चार दिन तक चलने की संभावना है। पहले दिन टीम ने उड़ान संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन की प्रक्रिया को देखा।
गर्ग एविएशन की उड़ानों पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रोक लगा रखी है। डीजीसीए की टीम ऑडिट के दौरान संस्था की सुरक्षा व्यवस्था, उड़ान संचालन और तकनीकी प्रक्रियाओं की बारीकी से जांच करेगी।
सुरक्षा नीतियों और रिकॉर्ड की होगी जांच
सूत्रों के मुताबिक, तकनीकी ऑडिट के दौरान विमान से जुड़े सुरक्षा नियमों और निर्धारित मानकों के पालन की स्थिति देखी जाएगी। टीम संस्था की सुरक्षा नीतियों, पिछले रिकॉर्ड और प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों की समीक्षा करेगी। इसके अलावा सुरक्षा अधिकारियों, प्रशिक्षण पायलटों और मेंटीनेंस स्टाफ से भी पूछताछ की जाएगी।
टीम यह भी जांचेगी कि स्टाफ सुरक्षा प्रक्रियाओं से कितना परिचित है और उनका पालन किस तरह किया जा रहा है। उड़ान संचालन, विमान के उड़ान पूर्व निरीक्षण और ग्राउंड हैंडलिंग की व्यवस्था को भी ऑडिट में शामिल किया जाएगा। जांच के दौरान सामने आने वाली कमियों और नियमों के उल्लंघन को दर्ज किया जाएगा।
गर्ग एविएशन के अकाउंटेबल मैनेजर विजय गर्ग ने बताया कि डीजीसीए की टीम एयर सेफ्टी ऑडिट कर रही है और यह एक रूटीन प्रक्रिया है।
27 अगस्त को हुआ था प्रशिक्षण विमान हादसा
गर्ग एविएशन का चार सीटर प्रशिक्षण विमान 27 अगस्त को कटरी के आगे नत्थापुरवा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। बताया गया कि उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद विमान हवा में कई बार घूमने के बाद जमीन पर गिर गया। हादसे में प्रशिक्षक पायलट कैप्टन सचिन भाटिया और प्रशिक्षु पायलट अभिषेक पुजारी की मौत हो गई थी।
हादसे के बाद डीजीसीए दिल्ली और लखनऊ की टीमों ने दुर्घटनाग्रस्त विमान और घटनास्थल की जांच की थी। जांच टीम इंजन और विमान के मलबे को भी अपने साथ ले गई थी। हादसे की तकनीकी जांच अभी जारी है।
फ्लाइट ट्रेनिंग संगठन ने लगाए थे आरोप
गर्ग एविएशन फ्लाइट स्कूल में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और नियामक शर्तों का पालन नहीं करने के आरोप भी सामने आए थे। एसोसिएशन ऑफ फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन ने इन आरोपों को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय को शिकायत भेजकर जांच की मांग की थी।
सूत्रों के अनुसार, एसोसिएशन ने नागरिक उड्डयन मंत्री और सचिव को भेजे पत्र में दावा किया था कि उसने वर्ष 2024 से डीजीसीए को 14 शिकायतें दी हैं। इन शिकायतों में नियमों के उल्लंघन और नियामक मानकों का पालन नहीं करने के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों की पुष्टि ऑडिट के निष्कर्षों से होनी है।
50 से ज्यादा प्रशिक्षु पायलटों पर भी असर
गर्ग एविएशन में 50 से अधिक प्रशिक्षु पायलट प्रशिक्षण ले रहे हैं। हादसे के बाद जांच और उड़ानों पर प्रतिबंध के चलते प्रशिक्षण प्रभावित हुआ है। इससे प्रशिक्षु पायलटों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ी है। कई परिजन अपने बच्चों को वापस बुला रहे हैं।
अब डीजीसीए के एयर सेफ्टी और तकनीकी ऑडिट की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि संस्था की सुरक्षा व्यवस्था और नियामक मानकों के पालन की वास्तविक स्थिति क्या है।

