दीवाली पर पटाखों का धुआं बढ़ा सकता है हार्ट और सांस के मरीजों की परेशानी, बरतें विशेष सावधानी
धुएं और प्रदूषण से बढ़ सकता है दिल पर दबाव, अस्थमा और सांस के मरीजों को भी खतरा; हार्ट, बीपी और डायबिटीज के मरीज सुरक्षित तरीके से मनाएं दीपावली
विशेषज्ञ की सलाह: दीपावली खुशियों, रोशनी और उत्साह का त्योहार है। घरों में दीप जलते हैं, मिठाइयां बांटी जाती हैं और आतिशबाजी के साथ लोग त्योहार का आनंद लेते हैं। लेकिन बदलते पर्यावरण और बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच दीपावली का धुआं कई लोगों की सेहत के लिए गंभीर परेशानी बन सकता है। खासकर हार्ट, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पटाखों से निकलने वाला धुआं वातावरण में सूक्ष्म कणों और हानिकारक गैसों की मात्रा बढ़ा देता है। ये कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों और हृदय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। पहले से हृदय रोग से पीड़ित लोगों में प्रदूषण का अधिक संपर्क रक्तचाप और हृदय पर दबाव बढ़ा सकता है। वहीं, सांस के मरीजों को खांसी, सीने में जकड़न और सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
पटाखों का धुआं दिल और फेफड़ों के लिए क्यों खतरनाक?
पटाखे जलने से निकलने वाले महीन प्रदूषक कण फेफड़ों के भीतर तक पहुंच सकते हैं। इससे श्वसन तंत्र में जलन और सूजन हो सकती है। प्रदूषण का प्रभाव केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह रक्त वाहिकाओं और हृदय की कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर सकता है। जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक आ चुका है, हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज है या जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है, उन्हें अधिक सावधानी रखनी चाहिए। पटाखों की तेज आवाज से अचानक घबराहट और तनाव भी बढ़ सकता है, जिससे कुछ लोगों में हृदय गति और रक्तचाप अस्थायी रूप से बढ़ सकते हैं।
डायबिटीज और बीपी के मरीज भी रहें सतर्क
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों में हृदय रोग का जोखिम पहले से अधिक हो सकता है। दीपावली पर खानपान में बदलाव, देर रात तक जागना, पर्याप्त नींद न लेना और दवाओं के समय में लापरवाही स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। त्योहार के दौरान मरीजों को अपनी नियमित दवाएं समय पर लेनी चाहिए। अधिक मीठा, तला-भुना और नमक वाला भोजन सीमित मात्रा में करें। डायबिटीज के मरीज मिठाइयों का सेवन नियंत्रित रखें और नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करते रहें।
दीपावली पर इन 8 बातों का रखें ध्यान
1\. पटाखों के धुएं से बचें: अधिक धुआं फैलाने वाले पटाखों से दूरी बनाएं। आतिशबाजी के दौरान धुएं के बीच अधिक समय तक न रहें।
2\. हार्ट पेशेंट भीड़ से बचें: हृदय रोगी अत्यधिक भीड़भाड़ और तेज धमाकों वाले स्थानों पर जाने से बचें।
3\. घर की हवा साफ रखें: बाहर प्रदूषण अधिक होने पर खिड़की-दरवाजे बंद रखें। जरूरत के अनुसार एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
4\. दवाएं समय पर लें: हार्ट, बीपी और डायबिटीज की दवाओं में लापरवाही न करें। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें।
5\. मिठाइयों पर रखें नियंत्रण: डायबिटीज के मरीज मिठाइयों और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित रखें। अधिक तला-भुना भोजन भी न करें।
6\. पर्याप्त नींद और आराम लें: त्योहार के उत्साह में देर रात तक जागने और शरीर को थकाने से बचें।
7\. बच्चों और बुजुर्गों का रखें ध्यान: बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को पटाखों के धुएं से दूर रखें।
8\. सुरक्षित तरीके से मनाएं त्योहार: पटाखे जलाते समय खुली जगह चुनें। ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी रखें और बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
दीपावली के दौरान यदि किसी व्यक्ति को सीने में दर्द या भारीपन, सांस फूलना, अचानक पसीना आना, चक्कर, बेचैनी या असामान्य कमजोरी महसूस हो तो इसे सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज न करें। ये हार्ट अटैक के संकेत भी हो सकते हैं। यदि सीने में दबाव या दर्द कुछ मिनट से अधिक बना रहे अथवा उसके साथ सांस लेने में परेशानी हो तो तत्काल चिकित्सा सहायता लें। भारत में आपातकालीन सहायता के लिए 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। मरीज को खुद वाहन चलाकर अस्पताल नहीं जाना चाहिए।
मिठाइयों के साथ सेहत का भी रखें ख्याल
दीपावली पर खानपान का विशेष महत्व होता है। घरों में तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां बनाई जाती हैं। हालांकि, जरूरत से ज्यादा मीठा, घी और तेल से बने खाद्य पदार्थों का सेवन वजन, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को प्रभावित कर सकता है। हार्ट और डायबिटीज के मरीजों को स्वाद के साथ मात्रा का भी ध्यान रखना चाहिए। घर का ताजा भोजन, फल, सब्जियां और पर्याप्त पानी स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प हैं।
विशेषज्ञ की सलाह

डॉ. आशीष गुप्ता का कहना है कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, लेकिन त्योहार मनाते समय स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अस्थमा और किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों को पटाखों के धुएं और प्रदूषण से बचने का प्रयास करना चाहिए। मरीज अपनी दवाएं नियमित लें, खानपान संतुलित रखें और पर्याप्त आराम करें। पटाखों की तेज आवाज और धुएं से दूर रहकर भी दीपावली का आनंद लिया जा सकता है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। दीपावली का असली संदेश अंधकार को दूर कर खुशियां फैलाना है। इस बार ऐसी दीपावली मनाएं, जिसमें घर रोशनी से जगमगाएं, वातावरण स्वच्छ रहे और हर परिवार स्वस्थ रहे।


