करोड़पति करोबारी को बंधक बनाने में 2 होटलों में छापेमारी
कानपुर में बिल्डर समेत 8 को नोटिस, 3 दिन में मांगा जबाव

करोड़पति कारोबारी को ठगने में ये आरोपी जेल गए
कानपुर। 140 करोड़ की संपत्ति कब्जाने के लिए कारोबारी प्रणवपत सिंघानिया को दो साल तक अलग–अलग होटलों में बंधक बनाने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने स्वरूप नगर स्थित होटल रॉयल क्लिफ और हर्ष नगर स्थित होटल रीजेंटा में छापेमारी की। दोनों होटलों के पुलिस रिकॉर्ड और सीसीटीवी मांगे। पुलिस की जांच में सामने आया कि कारोबारी को होटल में बंधक बनाने के मामले में आरोपी सुयश और अनूप अस्थाना ने अपने नाम से रूम बुक कराए थे।
इसके साथ ही होटल रीजेंटा के मालिक व बिल्डर आत्माराम खत्री, गौरव सेठी, अशोक मेहरा, अनूप कुमार मेहरा, संजय खत्री और जीएम अनुराग दुबे समेत रॉयल क्लिफ होटल के मालिक हरदीप सिंह, जनरल मैनेजर पीयूष श्रीवास्तव को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।
वर्ष 2024 में अगवाकर ले गए थे
कालपी रोड राधाकुंज निवासी करोड़पति कारोबारी प्रवणपत सिंद्यानिया के मुताबिक वर्ष 2020 में उनकी दोस्ती स्वरूप नगर निवासी सुयश अस्थाना से हुई थी। आरोप है कि सुयश ने वर्ष 2024 में उन्हें मोतीझील के पास बुलाया, इसके बाद इसके बाद बिल्डर अनूप अस्थाना, सुयश अस्थान, वकील बृजेंद्र नाथ मिश्रा, मेडिकल स्टोर संचालक रमित मिश्रा उर्फ श्रीराम उन्हें कार में बिठाकर ले गए। रास्ते में उन्हें ड्रग्स का इंजेक्शन दिया और उन्हें 2 माह तक स्वरूप नगर स्थित होटल रॉयल क्लिफ में बंधक बनाकर रखा।
दो साल तक होटल रीजेंटा में बंधक बनाकर रखा था
इसके बाद आरोपी उन्हें बेनाझाबर स्थित होटल रीजेंटा के अलग–अलग कमरों में दो साल तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान आरोपियों ने कोपरगंज स्थित 100 करोड़ की प्रापर्टी का 3 लाख में सेल एग्रीमेंट कराया साथ ही 40 करोड़ के आवास की रजिस्ट्री 6 करोड़ रुपए में करा ली थी। पुलिस ने प्रवणपत की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ स्वरूप नगर और नजीराबाद थाने में एफआईआर दर्ज की थी।
पुलिस की जांच में सामने आया था कि आरोपी रमित मिश्रा ने कारोबारी से जमीन लिखवाकर उसके साथ में 2.50 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए थे, जिसके बाद सुयश अस्थाना ने रकम अपने खाते में कारोबारी से ट्रांसफर करा ली थी। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया था कि इस पूरे गिरोह में होटल कारोबारी भी शामिल थे, जो लोगों की जमीनों को औने–पौने दामों में जबरन खरीदकर उनपर बिल्डिंग बनाने का काम करते थे।
इन तथ्यों की जानकारी जुटा रही पुलिस
पुलिस अब दोनों होटलों के सीसीटीवी फुटेज, आधार कार्ड, पेमेंट रिकॉर्ड, आने–जाने वालों की लिस्ट, दवाओं की सप्लाई और मोबाइल पर बातचीत की जानकारी जुटा रही है। फजलगंज इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पांडेय ने बतायाकि दोनों होटलों की जांच पड़ताल के बाद उनके मालिक और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। जिनको जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।


