रात में अफसरों ने परखी शहर की सफाई व्यवस्था, खुले में कूड़ा मिलने पर जताई नाराजगी
त्योहारों से पहले जीवीपी खत्म करने और समयबद्ध कूड़ा उठान के दिए निर्देश

कानपुर। शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सोमवार रात जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और नगर आयुक्त ने संयुक्त रूप से रात्रिकालीन निरीक्षण किया। रात करीब 11 बजे अधिकारियों ने जोन-1 और जोन-4 में वीआईपी रोड समेत प्रमुख मार्गों पर पहुंचकर जीवीपी (Garbage Vulnerable Point), पोर्टेबल ट्रांसफर स्टेशन (पीटीएस), कॉम्पैक्टर अड्डों और कूड़ा परिवहन व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से कूड़ा उठान, एकत्रीकरण, परिवहन और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जानकारी ली। अधिकारियों को बताया गया कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों से हाथ ठेला और छोटी कूड़ा गाड़ियों के जरिए कूड़ा एकत्र कर पोर्टेबल ट्रांसफर स्टेशनों तक पहुंचाया जाता है। यहां कूड़े को कॉम्पैक्ट करने के बाद निर्धारित वाहनों से आगे भेजा जाता है।
इसके बाद टीम ने कचहरी के पास स्थित जीवीपी और उर्सला के निकट पोर्टेबल ट्रांसफर स्टेशन का निरीक्षण किया। द्वारकापुरी स्थित पोर्टेबल कॉम्पैक्टर अड्डे पर दो मशीनें स्थापित मिलीं। अधिकारियों ने कूड़े के संकलन से लेकर कॉम्पैक्शन और उसके बाद परिवहन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। कंपनी बाग चौराहे पर स्थित जीवीपी का भी निरीक्षण कर सफाई और कूड़ा उठान की स्थिति देखी गई।
शहर को जीवीपी मुक्त बनाने पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में खुले में कूड़ा किसी भी स्थिति में दिखाई नहीं देना चाहिए। जिन स्थानों पर लगातार कूड़ा जमा होता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर जीवीपी समाप्त किए जाएं। विभिन्न क्षेत्रों से निकलने वाले कूड़े का समयबद्ध उठान कर उसे निर्धारित पोर्टेबल ट्रांसफर स्टेशन और कॉम्पैक्टर अड्डों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रमुख मार्गों, चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और आबादी वाले क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था और मजबूत की जाए। नियमित सफाई के साथ कूड़े का समय से उठान सुनिश्चित किया जाए, ताकि शहर में कहीं भी कूड़े का ढेर नजर न आए।
जिलाधिकारी ने सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी खुले में कूड़ा या सफाई व्यवस्था में कमी मिले, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। आगामी त्योहारों के मद्देनजर नगर निगम के सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय से काम करते हुए शहर को स्वच्छ और खुले में कूड़ा मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करें।
लंबित परियोजनाएं प्राथमिकता से पूरी करें, तैयार कार्य तत्काल हों हैंडओवर
डीएम ने सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की प्रगति परखी, गुणवत्ता के लिए नियमित स्थलीय निरीक्षण के निर्देश

कानपुर। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज विकास कार्यों और सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के साथ पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित विभागों को तत्काल हैंडओवर कराने के निर्देश दिए।
विभागवार समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से लंबित परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे होने चाहिए। कार्यों में गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी नियमित रूप से मौके पर जाकर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की जांच करें।
डीएम ने सीएम डैशबोर्ड पर विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं में काम चल रहा है, उनकी लगातार निगरानी की जाए। लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में तेजी लाकर लंबित परियोजनाओं को समय से पूरा कराया जाए। वहीं, जिन परियोजनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, उनकी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर संबंधित विभागों को हैंडओवर करने में अनावश्यक देरी न की जाए।
पोर्टल पर दर्ज हो वास्तविक प्रगति
सीएमआईएस पोर्टल की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की वास्तविक और अद्यतन प्रगति समय से पोर्टल पर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि सूचनाएं अपडेट करने में लापरवाही के कारण जिले की रैंकिंग प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा न होने, गुणवत्ता में कमी या प्रगति संबंधी जानकारी समय से अपडेट न करने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, आईएएस/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संदीप, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

