NHM संविदा कर्मचारियों का आंदोलन तेज, बोले- कानपुर में ट्रेलर, असली पिक्चर लखनऊ में बाकी
आठ मांगों को लेकर दूसरे दिन भी सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

कानपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन रामादेवी स्थित सीएमओ कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर कर्मचारियों ने शासन के खिलाफ नाराजगी जताई और मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को लखनऊ तक ले जाने की चेतावनी दी। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा, “कानपुर में तो ट्रेलर है, असली पिक्चर लखनऊ में बाकी है।”
संगठन के संरक्षक डॉ. गौरव त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में एक लाख से अधिक NHM संविदा कर्मचारी पिछले 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। कोरोना महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई थी।
सीएमओ को सौंपा ज्ञापन, शासन से जवाब का इंतजार
डॉ. गौरव त्रिपाठी ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी को ज्ञापन सौंपा गया है, ताकि इन्हें शासन तक पहुंचाया जा सके। हालांकि, संगठन का कहना है कि अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के प्रदर्शन के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो कर्मचारी लखनऊ में विशाल अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। संगठन ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
नियमितीकरण और समान वेतन की मांग
NHM संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और वर्तमान वेतन में वृद्धि शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों और उनके आश्रितों को 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता (DA), कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), मकान किराया भत्ता (HRA) और ग्रेच्युटी का लाभ देने की भी मांग उठाई है।
स्थानांतरण नीति से लेकर भर्ती में कोटे तक की मांग
संगठन की अन्य मांगों में गैरजनपद स्थानांतरण नीति बहाल करना, सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देना और आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करना शामिल है। इसके साथ ही नियमित पदों पर होने वाली भर्तियों में NHM संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग की गई है।
12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी
संगठन ने 10 अक्टूबर तक सीएमओ कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार जारी रखने की घोषणा की है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि निर्धारित समय तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने शासन से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के बावजूद संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। अब वे मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने के पक्ष में हैं।

