आधी रात सड़क निर्माण की हकीकत परखने निकले सांसद रमेश अवस्थी, बोले- एक दिन की भी देरी बर्दाश्त नहीं
CM ग्रिड परियोजना के तहत बन रही सड़कों का किया निरीक्षण, गुणवत्ता और निर्माण सामग्री के मानकों पर दिया जोर
कानपुर। शहर में सड़क निर्माण कार्यों की हकीकत जानने के लिए सांसद रमेश अवस्थी गुरुवार देर रात निरीक्षण करने निकले। उन्होंने सीएम ग्रिड (CM Grid) परियोजना के तहत बन रही सड़कों का जायजा लिया। दीप टॉकीज चौराहे से गौशाला रोड तक निर्माण कार्यों की स्थिति और गुणवत्ता परखी। इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। काम में एक दिन की भी देरी नहीं होनी चाहिए।
सांसद ने करीब डेढ़ घंटे तक शहर में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क की स्थिति, गड्ढों और निर्माण की गुणवत्ता के बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। साथ ही निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री और निर्धारित मानकों के पालन पर भी जोर दिया।
बोले- इसलिए रात में देखने निकला हूं
निरीक्षण के दौरान सांसद रमेश अवस्थी ने अधिकारियों से कहा, “आप लोगों को दिन-रात सड़क पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, इसलिए रात में देखने निकला हूं। सड़क ठीक करने का काम तय तिथि पर समय से पूरा हो जाए। एक दिन भी देरी नहीं होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ उनकी नियमित निगरानी भी जरूरी है, ताकि काम की गुणवत्ता बनी रहे और लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की हिदायत
सांसद ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि काम में तेजी लाने के नाम पर गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को लापरवाही से बचने और निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश भी दिए।
गड्ढामुक्त सड़कों पर जोर
सांसद ने कहा कि शहरवासियों को मजबूत और गड्ढामुक्त सड़कें उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। सीएम ग्रिड परियोजना के तहत चल रहे कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखते हुए परियोजनाएं समय पर पूरी करनी होंगी।

