मेरठ में मुस्कान को मौत की सजा, कानपुर में प्रेमी की हत्या कर नीले ड्रम में भरने वाली चांदनी 8 साल से फरार

मेरठ में मुस्कान को मौत की सजा, कानपुर में प्रेमी की हत्या कर नीले ड्रम में भरने वाली चांदनी 8 साल से फरार

वसीम की हत्या के बाद कमरे में ताला लगाकर भागी थी आरोपी, 20 दिन बाद ड्रम में मिला था शव; पुलिस दो बार लगा चुकी अंतिम रिपोर्ट

कानपुर। मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद कानपुर के साढ़ में हुई ऐसी ही एक वारदात फिर चर्चा में है। यहां भी प्रेम संबंध के बीच हत्या और शव को नीले ड्रम में छिपाने का मामला सामने आया था। फर्क इतना है कि मेरठ में अदालत ने सजा सुना दी, लेकिन कानपुर के वसीम हत्याकांड में आरोपी चांदनी आठ साल बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस उसकी तलाश में अब तक सफल नहीं हो सकी है।

मामला सितंबर 2018 का है। उन्नाव के मियागंज निवासी वसीम अहमद (32) किन्नर चांदनी के साथ साढ़ कस्बे में जाकिर हुसैन के मकान में किराये पर रहने आया था। दिसंबर 2018 में वसीम की हत्या कर दी गई। आरोप है कि चांदनी ने चापड़ से वार कर उसकी जान ली और शव को नीले प्लास्टिक के ड्रम में उल्टा ठूंस दिया। इसके बाद कमरे में ताला लगाया और फरार हो गई।

20 दिन तक कमरे में पड़ा रहा शव

वारदात के बाद कमरे पर ताला लगा रहा। किसी को अंदाजा नहीं था कि अंदर एक युवक का शव पड़ा है। करीब 20 दिन बाद, 7 जनवरी 2019 को कमरे से तेज दुर्गंध उठने लगी। मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ताला तोड़कर कमरे की तलाशी ली तो नीले ड्रम में वसीम का शव मिला। शव के पैर ड्रम से बाहर दिखाई दे रहे थे। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

जाजमऊ में छिपे होने की मिली थी सूचना

हत्या का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने चांदनी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान उसके कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र में गंगा किनारे झोपड़पट्टी में रहने की जानकारी मिली थी। इसके बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। मामले की जांच कई विवेचकों ने की, लेकिन आरोपी का सुराग नहीं लगा। पुलिस इस मामले में दो बार अंतिम रिपोर्ट भी लगा चुकी है।

मेरठ के फैसले से फिर उठा सवाल

मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा के बाद साढ़ की घटना फिर सुर्खियों में है। वहां हत्या के मामले में अदालत का फैसला आ गया, जबकि कानपुर में वसीम की हत्या की आरोपी अब तक फरार है। करीब आठ साल बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े करता है। वसीम के परिजनों को अब भी न्याय का इंतजार है। उनके लिए मामला तब तक अधूरा है, जब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आती और कानूनी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती। अब सवाल यही है कि आठ साल से फरार चांदनी कब पकड़ी जाएगी और वसीम के परिवार को न्याय कब मिलेगा?

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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