करवा चौथ- सरगी की थाली कैसे बनाएं:क्या खाएं कि दिन में थकान और कमजोरी न हो

करवा चौथ- सरगी की थाली कैसे बनाएं:क्या खाएं कि दिन में थकान और कमजोरी न हो

करवा चौथ पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का त्योहार है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। इस लंबे व्रत की शुरुआत से पहले सुबह-सुबह एक खास रस्म निभाई जाती है, जिसे सरगी कहते हैं।ये सरगी सास की ओर से बहू को दी जाती है। सरगी की थाली में फल, मिठाई, मेवे और फेनी जैसी चीजें रखी जाती हैं।

इस परंपरा के पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है। सरगी की थाली में वो सभी जरूरी चीजें होती हैं, जो व्रत में आपके काम आती हैं। जो दिन भर भूखे रहने के दौरान शरीर को ऊर्जा देती हैं। व्रत में कोई अड़चन न आए, इसलिए व्रत की शुरुआत एक हेल्दी सरगी की थाली से करना जरूरी है। इसलिए आज हेल्दी सरगी की थाली पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

सरगी की थाली में कौन-कौन से न्यूट्रिएंट्स होेने जरूरी हैं?
सरगी में कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए?

  • सरगी क्या है और करवा चौथ में इसका महत्व

सरगी करवा चौथ व्रत शुरू करने से पहले सुबह-सुबह लिया जाने वाला आहार है।
परंपरागत रूप से सास अपनी बहू को सरगी देती हैं। इसमें फल, मिठाई, मेवे, फेनी, मठरी और कपड़े जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। हालांकि, परिवार और क्षेत्र के अनुसार इसकी परंपरा अलग-अलग होती है।
सरगी खाने के बाद महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती हैं और परंपरागत रूप से चंद्रमा को अर्घ्य देने और पूजा करने के बाद व्रत खोलती हैं।
सेहत के लिहाज से सरगी इसलिए जरूरी है, क्योंकि व्रत शुरू करने से पहले पौष्टिक भोजन और पर्याप्त पानी लेने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और डिहाइड्रेशन का रिस्क भी कम होता है।

  • सरगी की थाली में कौन-कौन से न्यूट्रिएंट्स जरूरी हैं

सरगी की थाली में ऐसे पोषक तत्व होने चाहिए, जो शरीर को ऊर्जा दें और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करें।


प्रोटीन, फाइबर, फैट और कार्ब के लिए थाली में शामिल करें

इसके लिए अनाज, प्रोटीन वाले फूड आइटम्स, फल और मेवे शामिल करें। हर पोषक तत्व शरीर में अलग काम करता है, इसलिए थाली में इनका संतुलन जरूरी है।


सरगी थाली के कुछ हेल्दी ऑप्शन

सरगी में ऐसी चीजों का कॉम्बिनेशन रखें, जिनसे शरीर को ऊर्जा के साथ-साथ प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट भी मिले। अपनी पसंद के अनुसार इन चार विकल्पों में से कोई एक थाली तैयार कर सकते हैं।

 सरगी में फल और ड्राई फ्रूट्स होना जरूरी

  1. फल और ड्राई फ्रूट्स में मौजूद पोषक तत्व शरीर को अलग-अलग तरह से फायदा पहुंचाते हैं।
  2. फलों में मौजूद फाइबर पाचन को धीमा करता है, जिससे पेट भरा महसूस होता है।
  3. बादाम और अखरोट में मौजूद फैट और प्रोटीन पेट खाली होने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है।
  4. फलों का कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देता है। विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट शरीर के सामान्य कामकाज में मदद करते हैं।

एक रात पहले सरगी की एडवांस तैयारी 

करवा चौथ की सरगी की तैयारी एक रात पहले करना फायदेमंद होता है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जल्दी उठकर सरगी तैयार करने की जल्दबाजी से बचने के लिए रात में ही जरूरी इंतजाम कर लें। इससे सुबह समय बचेगा और सरगी शांति से खाने के लिए पर्याप्त वक्त मिलेगा। सरगी में ऐसी चीजें नहीं खानी चाहिए, जिनसे पेट भारी हो, एसिडिटी बढ़े या ज्यादा प्यास लगे। एक बार में बहुत ज्यादा खाने से पेट भारी हो सकता है और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। सरगी खाने के तुरंत बाद सोने से कुछ लोगों को एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स की समस्या हो सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि लेटने पर पेट का एसिड भोजन नली की ओर वापस आ सकता है।  सरगी में चाय या कॉफी पी सकते हैं, लेकिन इनकी मात्रा सीमित रखें। एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा अधिक होती है, जो खाली पेट बेचैनी, घबराहट या दिल की धड़कन बढ़ा सकती है। वहीं, पैकेज्ड जूस में अतिरिक्त चीनी होती है।

व्रत और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां

  1. गर्भावस्था में शरीर को बच्चे के विकास के लिए पर्याप्त पोषक तत्व और पानी चाहिए। वहीं, स्तनपान के दौरान मां को दूध बनाने के लिए अतिरिक्त तरल और ऊर्जा की जरूरत होती है। लंबे समय तक पानी न पीने से डिहाइड्रेशन और कमजोरी का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
  2. शरीर में पानी की कमी और लंबे समय तक भोजन न करना माइग्रेन के ट्रिगर पॉइंट्स हो सकते हैं। वहीं, नियमित दवा लेने वाली महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के दवा का समय बदलना या खुराक छोड़ना नहीं चाहिए। ऐसे में निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

व्रत के दौरान चक्कर या कमजोरी महसूस हो तो…

  • सबसे पहले काम रोककर किसी ठंडी जगह पर बैठ जाएं या लेट जाएं। 
  • किसी परिजन को अपने पास बुलाएं।
  • अगर लक्षण ठीक नहीं होते, तो व्रत तोड़कर पानी पिएं और जरूरत के अनुसार कुछ खाएं।
  • बेहोशी, कंफ्यूजन या बहुत ज्यादा कमजोरी होने पर तुरंत मेडिकल हेल्प लें।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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