जुए-सट्टे के 10 लाख कर्ज ने बनाया चोर, ज्वैलर्स के घर से चांदी-कैश किया था चोरी
एमसीए पास सुधांशु अग्रवाल गिरफ्तार, नानाराव पार्क में मिट्टी में दबाकर रखी थी चांदी
कानपुर। फीलखाना थाना क्षेत्र में ज्वैलर्स के घर से करीब 30 किलो चांदी और नकदी चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने फीलखाना निवासी एमसीए ग्रेजुएट सुधांशु अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पर जुए-सट्टे का करीब 10 लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपने घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित ज्वैलर्स के मकान को निशाना बनाया था।
डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि आरोपी ने चोरी की चांदी नानाराव पार्क में अलग-अलग स्थानों पर मिट्टी में दबाकर छिपा दी थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 22.348 किलो चांदी बरामद कर ली है। आरोपी को फलमंडी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
सीसीटीवी में कैद हुआ था आरोपी

पुलिस के मुताबिक ज्वैलर्स किशोर सिंह के घर की गली में चार सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। फुटेज में आरोपी घर के आसपास झोला लेकर घूमता दिखाई दिया था। कुछ देर बाद वह कंधे पर झोला रखकर वहां से जाता भी नजर आया। हालांकि शुरुआती फुटेज में चेहरा स्पष्ट नहीं था।
बाद में अन्य सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर आरोपी का चेहरा साफ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उसके घर और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। हालांकि पड़ोसियों ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया।
पुलिस गिरफ्तारी के डर से खुद कोर्ट पहुंचा
पुलिस के अनुसार आरोपी को आशंका हो गई थी कि पुलिस जल्द ही उस तक पहुंच सकती है। इसी डर में उसने कोर्ट में खुद अर्जी दाखिल कर यह जानकारी लेने की कोशिश की कि क्या वह किसी मामले में वांछित है। कोर्ट से संबंधित रिपोर्ट पुलिस के पास पहुंची तो जांच टीम का शक और गहरा गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसमें घटना से जुड़े अहम तथ्य सामने आए।
12 सितंबर को दुकान से घर लाई गई थी चांदी
चटार्ड मोहाल निवासी किशोर सिंह की चौक सराफा स्थित कल्याण भवन के सामने प्रियंका ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। परिवार में पत्नी सुशीला, बेटा अभय और बेटी प्रियंका हैं। किशोर सिंह के मुताबिक दो मंजिला मकान में परिवार रहता है। ग्राउंड फ्लोर पर एक कमरे में अलमारी और बेड रखा था, जबकि प्रथम और द्वितीय तल पर परिवार के लोग रहते हैं।
किशोर सिंह ने बताया कि 12 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे वह दुकान से करीब 75 लाख रुपये कीमत की 30 किलो चांदी और 75 हजार रुपये नकद लेकर घर पहुंचे थे। चांदी 10-10 किलो के तीन अलग-अलग पैकेटों में रखी थी। रात करीब नौ बजे उन्होंने चांदी और नकदी ग्राउंड फ्लोर के कमरे में रखी अलमारी में रख दी। अलमारी लॉक करने के बाद उसकी चाबी कमरे में ही रख दी गई थी।
18 सितंबर को सामने आई चोरी
18 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे उनका बेटा अभय घर के अंदर वाहन खड़ा करने के लिए अलमारी के पास रखा लकड़ी का पटरा हटाने पहुंचा। इसी दौरान उसकी नजर खुली हुई अलमारी पर पड़ी। जानकारी मिलने पर किशोर सिंह मौके पर पहुंचे तो अलमारी का लॉकर खुला था और उसमें रखी चांदी व नकदी गायब थी।
इसके बाद परिवार ने डायल-112 पर सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय और फीलखाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, जिसमें संदिग्ध युवक की गतिविधियां सामने आईं।
10 लाख के कर्ज ने बढ़ाई परेशानी
पुलिस के मुताबिक सुधांशु अग्रवाल एमसीए से पढ़ाई पूरी करने के बाद कल्याणपुर स्थित एक कंपनी में नौकरी करता था। पूछताछ में सामने आया कि वह जुए-सट्टे में करीब 10 लाख रुपये का कर्जदार हो गया था। कर्ज चुकाने के दबाव में उसने ज्वैलर्स के घर चोरी की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार आरोपी का घर पीड़ित ज्वैलर्स के मकान से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। इसी वजह से उसे घर की गतिविधियों और आसपास के माहौल की जानकारी होने की आशंका जताई जा रही है।
चांदी को अलग-अलग जगह मिट्टी में दबाया
पुलिस के मुताबिक चोरी करने के बाद आरोपी ने चांदी को अपने पास रखने के बजाय नानाराव पार्क में अलग-अलग स्थानों पर मिट्टी के अंदर दबा दिया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वहां से 22.348 किलो चांदी बरामद की है। पुलिस अब चोरी की गई शेष नकदी और अन्य सामान के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
17 सितंबर को ही हुई थी चोरी की जानकारी
डीसीपी ईस्ट ने बताया कि पीड़ित परिवार को 17 सितंबर को ही घर से चांदी चोरी होने की जानकारी हो गई थी, लेकिन पूछताछ के डर से उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। परिवार को आशंका थी कि पुलिस चांदी की खरीद और उससे संबंधित इनवाइस के बारे में पूछताछ करेगी।
इसी दौरान 17 सितंबर को ज्वैलर्स किशोर सिंह अपनी बेटी प्रियंका को परीक्षा दिलाने भी लेकर गए थे। परिजनों ने तय किया था कि परीक्षा के बाद लौटकर पुलिस को घटना की जानकारी देंगे। हालांकि बाद में पुलिस को सूचना दी गई और जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।

