कानपुर में बंधन बैंक के मैनेजर ने दी जान, पत्नी को आखिरी मैसेज- मेरी कोई गलती नहीं, ग्राहक नितिन गौर ने सब किया

कानपुर में बंधन बैंक के मैनेजर ने दी जान, पत्नी को आखिरी मैसेज- मेरी कोई गलती नहीं, ग्राहक नितिन गौर ने सब किया

गोल्ड लोन के मामले को लेकर परेशान थे अनुराग बाजपेई, कमरे से सुसाइड नोट और एसीपी बाबूपुरवा को दिया गया प्रार्थना-पत्र मिला

कानपुर। गोविंद नगर थाना क्षेत्र में बंधन बैंक के 34 वर्षीय मैनेजर अनुराग बाजपेई का शव किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला। जान देने से पहले उन्होंने पत्नी दिव्या को व्हाट्सएप पर कई मैसेज भेजे थे। इनमें ग्राहक नितिन गौर का जिक्र करते हुए लिखा कि उनकी कोई गलती नहीं है और ग्राहक ने सब किया है। मैसेज में अनुराग ने यह भी कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल रहा और उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है।

पत्नी के कई बार फोन करने पर भी अनुराग ने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद परिवार ने बैंक में संपर्क किया। बैंक का एक कर्मचारी उनके कमरे पर पहुंचा, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। दरवाजा खुलवाने पर अंदर अनुराग का शव मिला। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट और एसीपी बाबूपुरवा को दिया गया एक प्रार्थना-पत्र भी मिला है। पुलिस सभी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

7 अक्टूबर से चल रहा था ग्राहक से जुड़ा मामला

अनुराग गोविंद नगर स्थित बंधन बैंक की शाखा में गोल्ड लोन विभाग के मैनेजर थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वह एक ग्राहक से जुड़े मामले को लेकर परेशान थे। बुधवार दोपहर 2:52 से 2:56 बजे के बीच उन्होंने पत्नी को कई व्हाट्सएप मैसेज भेजे। इनमें नितिन गौर का नाम लेते हुए लिखा कि सात अक्टूबर से मामला चल रहा है और इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।

अनुराग ने मैसेज में अपनी बात न सुने जाने की परेशानी भी जाहिर की। दोपहर करीब 3:10 बजे पत्नी दिव्या ने मैसेज देखे और जवाब दिया कि वह उन्हें पूरी बात बताते ही नहीं हैं। इसके बाद अनुराग की ओर से कोई जवाब नहीं आया। पत्नी ने कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।

बैंक कर्मचारी पहुंचा तो अंदर से बंद था कमरा

अनुराग की ओर से जवाब नहीं मिलने पर दिव्या ने परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद बैंक में संपर्क किया गया। बैंक का एक कर्मचारी अनुराग के किराये के मकान पर पहुंचा। उसने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दरवाजा बंद होने की जानकारी पत्नी को दी गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा खुलवाया गया तो अनुराग का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

कमरे में मिला सुसाइड नोट और प्रार्थना-पत्र

पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट के साथ एसीपी बाबूपुरवा को दिया गया प्रार्थना-पत्र भी मिला है। इन दस्तावेजों में ग्राहक से जुड़े विवाद और अनुराग की परेशानी का उल्लेख होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद क्या था, अनुराग ने अधिकारियों से क्या शिकायत की थी और उस पर क्या कार्रवाई हुई थी। हालांकि, ग्राहक पर लगाए गए आरोपों और पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय होना अभी जांच का विषय है। पुलिस व्हाट्सएप मैसेज, सुसाइड नोट, प्रार्थना-पत्र और परिजनों के बयान के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।

उन्नाव के रहने वाले थे अनुराग, परिवार में पत्नी और तीन बच्चे

अनुराग मूल रूप से उन्नाव जिले के बांगरमऊ के रहने वाले थे। वह पिछले दो साल से किदवई नगर के एम ब्लॉक में शैलजा के मकान में किराये पर अकेले रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी दिव्या और तीन बच्चे वैभव, मृत्युंजय तथा ढाई साल की बेटी देविका हैं। पिता रामचंद्र ने बताया कि अनुराग नौ भाई-बहनों में छठे नंबर पर थे। बेटे की मौत की खबर से परिवार में मातम है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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