फर्जी ईमेल आईडी बेचकर डॉलर कमाने वाले अंकित के छह मददगार ATS की रडार पर, खालिस्तान के नाम पर धमकी देने वाले चार लोगों की भी तलाश

फर्जी ईमेल आईडी बेचकर डॉलर कमाने वाले अंकित के छह मददगार ATS की रडार पर, खालिस्तान के नाम पर धमकी देने वाले चार लोगों की भी तलाश

सोशल मीडिया और वीडियो देखकर सीखा था ईमेल बेचने का तरीका, चार साल में बनाई पांच लाख फर्जी ईमेल आईडी; क्रिप्टो खातों के एक लाख डॉलर से अधिक के ट्रांजेक्शन की जांच

कानपुर। देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को फर्जी ईमेल आईडी बेचकर डॉलर में कमाई करने वाले अंकित संखवार के नेटवर्क की जांच में एटीएस को कई अहम सुराग मिले हैं। अंकित के साथ इस धंधे में आधा दर्जन अन्य लोग भी शामिल थे। ये सभी अब एटीएस की रडार पर हैं। जांच में सामने आया है कि अंकित ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो के जरिए फर्जी ईमेल आईडी बेचने के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई थी। एटीएस अब उसके साथ जुड़े लोगों के अलावा उन चार संदिग्धों की भी तलाश कर रही है, जिन्होंने खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से दिल्ली और नोएडा में धमकी भरे ईमेल भेजे थे।

28 अक्टूबर को एटीएस ने किया था गिरफ्तार

बीती 28 अक्टूबर को एटीएस ने मूलरूप से घाटमपुर के अनौड़या गांव निवासी अंकित संखवार को देहली सुजानपुर के सखरापुर से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि वह पिछले चार साल से फर्जी ईमेल आईडी बेचने का काम कर रहा था। उसके पास से एटीएस को करीब पांच लाख फर्जी ईमेल आईडी मिली थीं। इसके अलावा उसके मोबाइल में हजारों डॉलर के ट्रांजेक्शन भी मिले थे।

छह लोग मिलकर चला रहे थे नेटवर्क

एटीएस ने अंकित के नेटवर्क की पड़ताल शुरू की तो पाकिस्तान और बांग्लादेश के युवकों से उसके संपर्क की जानकारी सामने आई। पिछले चार वर्षों में कई देशों में की गई उसकी इंटरनेशनल कॉल भी जांच के दायरे में हैं।

जांच में पता चला कि अंकित की मदद करने वाले छह अन्य लोग भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे। एटीएस सूत्रों के मुताबिक, इनमें कुछ लोग फर्जी ईमेल आईडी तैयार करने और बेचने का काम संभालते थे, जबकि कुछ ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइट की जानकारी जुटाते थे, जहां इन आईडी को बेचा जा सकता था।

अंकित और उसके साथी ऑनलाइन एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे। एटीएस को उसके मोबाइल और ईमेल से इस नेटवर्क से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।

सोशल मीडिया और वीडियो से सीखा था पूरा तरीका

जांच में यह भी सामने आया है कि अंकित ने शुरुआत में एक अन्य व्यक्ति से ईमेल आईडी बेचने के धंधे की जानकारी हासिल की थी। इसके बाद उसने सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो देखकर इस काम के तौर-तरीके सीखे। धीरे-धीरे उसने अपना नेटवर्क तैयार कर लिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईमेल आईडी बेचने लगा।

खालिस्तान के नाम पर धमकी देने वाले चार लोग भी रडार पर

एटीएस को जांच के दौरान चार ऐसे लोगों के बारे में जानकारी मिली है, जिन्होंने खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से दिल्ली और नोएडा में धमकी भरे ईमेल भेजे थे। एजेंसी अब इन लोगों की भूमिका और अंकित के नेटवर्क से उनके संभावित कनेक्शन की पड़ताल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, चारों संदिग्ध एटीएस की निगरानी में हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

क्रिप्टो खातों में एक लाख डॉलर से अधिक के लेनदेन की आशंका

अंकित के क्रिप्टो खातों में भी कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी एटीएस को मिली है। इन लेनदेन को डिकोड करने और पैसों के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। शुरुआती पड़ताल में यह रकम एक लाख डॉलर से अधिक होने की आशंका है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ईमेल आईडी बेचने से मिली रकम किन खातों में पहुंची और इस नेटवर्क से विदेश में कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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