हैरिश गन हाउस ने 5 माह में बेची 153 बंदूके:सेफ कस्टडी के नाम पर हुआ अवैध बिक्री का खेल
बिहार, झारखंड राज्यों में बेचे कारतूस
जौनपुर के गैंग ने खरीदें थे असलहे
अब पुलिस के लिए एक-एक असलहे और कारतूस का मिलान करना चुनौती बन गया है। बता दें जौनपुर में पकड़े गए गैंग के पास देशी और विदेशी असलहों के साथ भारी मात्रा में कारतूस मिले थे। गैंग ने कानपुर से बंदूक और कारतूस खरीदा था। जिसके चलते जौनपुर पुलिस शनिवार की सुबह मूलगंज के असलहा विक्रेता को साथ ले गई थी।
कमिश्नरेट पुलिस के अफसरों के मुताबिक एक अभियान के दौरान जौनपुर पुलिस को बदलापुर स्थित कुरांवां नहर पुलिया के पास अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से दो 12 बोर बंदूक, 210 कारतूस, एक .22 बोर राइफल, प्रतिबंधित 9 एमएम पिस्टल, एक .45 बोर ग्लॉक पिस्टल, 10 अन्य कारतूस, 7.58 लाख रुपये नकद और 11 मोबाइल फोन बरामद किए थे।
गन हाउस ने 37,432 कारतूस खरीदे थे
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि हैरिश गन हाउस ने एक अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक 153 नई व पुरानी बंदूक बेची। इस दौरान 37,432 कारतूस खरीदे, जिसमें 20,357 कारतूस बेच दिए। दूसरे जनपदों को भी असलहे और कारतूस बेचे गए। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि सेफ कस्टडी के नाम पर यह खरीद फरोख्त की गई।
सेफ कस्टडी एक ऐसा नियम है, जिसमें एक असलहा दुकानदार दूसरे दुकानदार के पास अपने असलहे सुरक्षित रखवाकर नई खरीद कर सकता है। सात से आठ लोगों की यह चेन है, जिसकी जांच की जा रही है। जिन लोगों के पास असलहों को सुरक्षित रखवाया गया है, उनकी जांच के बाद ही वैध और अवैध बिक्री की जानकारी सामने आ सकेगी। रिकार्ड से पता चला है कि हैरिश गन हाउस ने अधिकांश बिक्री बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड, राजस्थान व अन्य राज्यों में की है।
गैर राज्यों को बेचे गए असलहे व कारतूस
- 25 नवंबर 2025 से 31 मार्च 26 तक 49 असलहे व 3,380 कारतूस
- एक अप्रैल से 31 अक्टूबर 26 तक 32 असलहे व 7,590 कारतूस
- एक जनवरी से 25 दिसंबर 24 तक 46 असलहे व 7,560 कारतूस


