नरवल थाने के 122 साल पुराने रिकॉर्ड में दर्ज हैं इतिहास के अनमोल पन्ने
पुलिस आयुक्त ने किया निरीक्षण, उर्दू-अरबी में लिखे रजिस्टरों का होगा अनुवाद और डिजिटलीकरण
कानपुर। नरवल थाने के नए भवन के भूमि पूजन से पहले बुधवार को पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने थाना परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने नरवल थाने को ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए कहा कि इसका इतिहास सौ वर्ष से भी अधिक पुराना है। थाने में सुरक्षित पुराने रिकॉर्ड और रजिस्टरों को संरक्षित कर उनका डिजिटलीकरण कराया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस ऐतिहासिक विरासत से परिचित हो सकें।
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने थाने में रखे पुराने रजिस्टरों को एक-एक कर देखा। इनमें 1904 से 1946 तक की घटनाएं उर्दू और अरबी भाषा में दर्ज मिलीं। उन्होंने गूगल ट्रांसलेट की मदद से कुछ रिकॉर्ड का अनुवाद कर पढ़ा और मौजूद अधिकारियों को भी सुनाया। उन्होंने कहा कि ये इतिहास के अनमोल पन्ने हैं, जिन्हें सहेजकर रखना जरूरी है।
1906 में ऊंट के साथ पकड़े गए व्यक्ति का जिक्र
पुराने रिकॉर्ड में वर्ष 1906 की एक घटना का उल्लेख मिला। इसमें ऊंट के साथ पकड़े गए एक व्यक्ति के पास से रुपयों से भरी बोरी बरामद होने की जानकारी दर्ज थी। वहीं, वर्ष 1932 के रिकॉर्ड में करबिगवां गांव के एक व्यक्ति द्वारा 100 रुपये जुर्माना जमा करने का उल्लेख मिला। थरेपाह, शीशूपुर और नरवल समेत कई गांवों से जुड़ी पुरानी घटनाएं भी रजिस्टरों में दर्ज हैं।
1939 में थाने के अंतर्गत आते थे 47 गांव
पुलिस आयुक्त ने बताया कि वर्ष 1939 के रिकॉर्ड के अनुसार उस समय नरवल थाने के अंतर्गत करीब 47 गांव आते थे। वर्ष 1938 में थाना ब्रिटिशकालीन इमारत में स्थानांतरित हुआ था। उन्होंने थाना कर्मियों को निर्देश दिए कि पुराने रिकॉर्ड का अनुवाद कराकर उन्हें डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित किया जाए, ताकि ऐतिहासिक दस्तावेजों को लंबे समय तक संरक्षित रखा जा सके।
ब्रिटिशकालीन दरवाजे और पुराना कुआं भी देखा
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने थाना परिसर में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने कुएं और ब्रिटिशकालीन दरवाजों को भी देखा। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस कुएं की खासियत थी कि बारिश का पानी इसमें समा जाता था। हालांकि, अब कुआं सूख चुका है और सुरक्षा के लिहाज से इसे लोहे की जाली से ढक दिया गया है। इस दौरान एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह, अनिल कुमार सिंह, नरवल थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।


