जनवरी तक कानपुर के 40 प्रमुख चौराहों की बदलेगी सूरत, जाम से राहत दिलाने की तैयारी
‘प्रोजेक्ट गिफ्ट’ के तहत लेफ्ट फ्री व्यवस्था, यू-टर्न और दिशा-सूचक बोर्ड से सुधरेगा यातायात; सभी चौराहों के साइट प्लान तैयार, डीपीआर और टेंडर प्रक्रिया पूरी
स्कूली बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही पर तीन शिक्षा अधिकारियों और एक अभियंता को नोटिस जारी करने के निर्देश
कानपुर नगर। शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। ‘गाइडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर ट्रैफिक’ (प्रोजेक्ट गिफ्ट) के तहत शहर के 40 प्रमुख चौराहों का कायाकल्प किया जाएगा। इन चौराहों पर जनवरी 2027 तक आधुनिक यातायात सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के तहत वाहन चालकों को अनावश्यक जाम से राहत दिलाने के साथ सड़क सुरक्षा को भी बेहतर बनाया जाएगा।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने शुक्रवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। प्रशासन के अनुसार, चयनित सभी 40 चौराहों के साइट प्लान तैयार हो चुके हैं। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
लेफ्ट फ्री व्यवस्था से कम होगा यातायात का दबाव
प्रोजेक्ट गिफ्ट के अंतर्गत चौराहों पर यातायात की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जरूरी बदलाव किए जाएंगे। प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट फ्री व्यवस्था विकसित की जाएगी, जबकि आवश्यकता के अनुसार यू-टर्न की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा दिशा-सूचक साइन बोर्ड, रोड साइनिंग बोर्ड और रोड मार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
इन सुविधाओं से वाहन चालकों को चौराहे पर पहुंचने से पहले ही अपने गंतव्य की दिशा और आगे के मार्ग की जानकारी मिल सकेगी। इससे अचानक लेन बदलने, गलत दिशा में जाने और अनावश्यक रूप से वाहनों के रुकने की समस्या कम करने में मदद मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि बेहतर यातायात प्रबंधन से शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव नियंत्रित किया जा सकेगा।
पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, नगर निगम और केडीए मिलकर करेंगे काम
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चौराहों का विकास केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक स्थान की यातायात संबंधी जरूरतों और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखकर सुधार किए जाएंगे। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नगर निगम और कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले चौराहों और सड़कों पर प्रस्तावित सुधार कार्यों को प्राथमिकता दें। परियोजना की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा हो सके।
शहर के इन 40 चौराहों पर होगा सुधार
परियोजना के प्रथम चरण में रामादेवी, टाटमिल, रावतपुर तिराहा, घंटाघर, डिप्टी पड़ाव, मूलगंज, सरसैया घाट, एलएलआर अस्पताल, आर्य नगर, बंगला भवन, फजलगंज, चावला मार्केट, नंदलाल, सचान, बर्रा बाईपास, शास्त्री चौक, विजय नगर, शिवली, जरीब चौकी और अफीम कोठी चौराहे शामिल हैं।
इसके अलावा गोल चौराहा, बारादेवी, डबल पेट्रोल पंप, नौबस्ता, बड़ा चौराहा (जेड-स्क्वायर मॉल के निकट), नवीन मार्केट, दासू कुआं, नरोना, फूलबाग (चार्लीज क्रॉसिंग), कल्याणपुर मेट्रो स्टेशन तिराहा, केंद्रांचल, चंद्रिका देवी, गुमटी नंबर-5, जूही नहरिया, बकरगंज, नमक फैक्ट्री, जाजमऊ, किदवई नगर, नयागंज और कोका-कोला चौराहे पर भी यातायात सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही पर सख्ती
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा और दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) पर बचाव के उपायों को लेकर पहले दिए गए निर्देशों का अनुपालन नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और संबंधित सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं के ऑडिट से संबंधित निर्देशों का पालन नहीं करने पर लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिशासी अभियंता को भी नोटिस जारी करने के लिए कहा गया। इस तरह कुल चार अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी स्कूली वाहनों की सूची संबंधित थानों को उपलब्ध कराने और वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चालकों का मेडिकल हेल्थ चेकअप कराने और निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर चलने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन स्कूली बसों में छात्राएं यात्रा करती हैं, उनमें विद्यालय की एक महिला कर्मचारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा सके।
ब्लैक स्पॉट का ऑडिट कर दुर्घटनाओं के कारण तलाशेंगे अधिकारी
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित समिति गठित कर चिह्नित ब्लैक स्पॉट का विस्तृत ऑडिट कराने को कहा। इसमें दुर्घटनाओं की संख्या, उनके कारणों और उनमें हुई जनहानि का विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक उपाय लागू किए जाएंगे। उन्होंने सभी चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
जाम से राहत और सुरक्षित सफर पर प्रशासन का जोर
प्रोजेक्ट गिफ्ट के माध्यम से शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात को व्यवस्थित करने की योजना बनाई गई है। जनवरी 2027 तक प्रस्तावित कार्य पूरे होने पर वाहन चालकों को चौराहों पर बेहतर दिशा-निर्देशन और सुगम आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक असर कार्यों के समय पर पूरा होने और यातायात नियमों के प्रभावी पालन पर निर्भर करेगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, केडीए उपाध्यक्ष, अपर जिलाधिकारी (नगर) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


