शरद पूर्णिमा पर शिव शक्ति अखाड़े का शस्त्र पूजन, 150 लोग करेंगे प्रदर्शन
संन्यास के दो वर्ष पूरे होने पर रतन लाल स्टेडियम में होगा आयोजन, 50 वेदपाठी मंत्रोच्चार के साथ करेंगे पूजन

कानपुर। शरद पूर्णिमा के अवसर पर शिव शक्ति अखाड़े की स्थापना और महाराज जी के संन्यास के दो वर्ष पूरे होने पर रतन लाल स्टेडियम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शाम चार बजे से सात बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में शस्त्रों का पूजन और प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें निहंग सरदारों, संन्यासियों सहित करीब 150 लोग भाग लेंगे। आयोजन के दौरान 50 वेदपाठी मंत्रोच्चार के साथ पूजन और प्रदर्शन करेंगे।
महाराज जी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 22 अक्टूबर 2024 को शरद पूर्णिमा के दिन उन्होंने संन्यास ग्रहण किया था। इसी दिन शिव शक्ति अखाड़े की स्थापना भी हुई थी। संन्यास के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयोजन का प्रमुख उद्देश्य हिंदुओं को शस्त्र धारण करने की परंपरा के प्रति जागरूक करना और शस्त्रों के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना है।
देवी-देवताओं के शस्त्रों का दिया उदाहरण
महाराज जी ने कहा कि सृष्टि की रचना से ही शस्त्र धारण करने की परंपरा चली आ रही है। हिंदू धर्म में देवी-देवताओं को भी शस्त्र धारण करते हुए दर्शाया गया है। उनके अनुसार, अपनी सुरक्षा के लिए शस्त्र धारण करना धर्म के अनुकूल है। उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान समय में हिंदुओं के बीच शस्त्रों के प्रति अरुचि बढ़ी है। उनका दावा है कि देवी-देवताओं के पारंपरिक शस्त्रों की जगह कई स्थानों पर उनके हाथों में नकली शस्त्र दिखाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पुरानी परंपरा को फिर से शुरू करने और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शस्त्र पूजन और प्रदर्शन के माध्यम से परंपरा से जुड़ी मान्यताओं को सामने रखने के साथ लोगों को शस्त्रों के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।
यूपी के 60 जिलों में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम
महाराज जी के मुताबिक, शिव शक्ति अखाड़े की ओर से उत्तर प्रदेश के 60 जिलों के साथ हरियाणा और दिल्ली में भी शस्त्र प्रशिक्षण कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को शस्त्रों से जुड़ी परंपराओं और प्रशिक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। रतन लाल स्टेडियम में होने वाला आयोजन भी इसी पहल का हिस्सा है।
मंत्रोच्चार के साथ होगा पूजन और प्रदर्शन
कार्यक्रम में करीब 150 लोगों की भागीदारी रहेगी। इनमें निहंग सरदार और संन्यासी शामिल होंगे। इसके अलावा 50 वेदपाठी मंत्रों के साथ शस्त्र पूजन कराएंगे और प्रदर्शन में भाग लेंगे। आयोजकों की ओर से कार्यक्रम के मंच पर पंथासन, समरस्थासन, वरिष्ठ आसन और गुरु आसन लगाए जाएंगे।
आयोजन शाम चार बजे शुरू होकर सात बजे तक चलेगा। इसमें शस्त्र पूजन, मंत्रोच्चार और प्रदर्शन के माध्यम से शिव शक्ति अखाड़े की स्थापना तथा महाराज जी के संन्यास के दो वर्ष पूरे होने का अवसर मनाया जाएगा।


