राहुल गांधी बोले- दिल्ली में ट्रेन-बसें रोकी जा रहीं
सरकार के गुंडे महिलाओं को मार रहे, पुलिस कह रही- हमसे लोगों को क्यों पिटवाया जा रहा
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली को किला बना दिया गया है। ट्रेन, बसों को रोका जा रहा, हर जगह पुलिस तैनात है। उन्होंने कहा, “भाजपा के गुंडे, आरएसएस के गुंडे महिलाओं को मार रहे हैं। उतारा जा रहा है। दिल्ली को किला बना दिया है। आप सोचोगे कि कितनी पावरफुल चीज है। हम चाहते हैं कि 20-30 हजार पुलिसवाले सड़क पर हों।” राहुल ने कहा, “ हम देश को दिखाना चाहते हैं कि सरकार, नरेंद्र मोदी ज्ञानेश कुमार को प्रोटेक्ट कर रहे हैं। जितना वो प्रोटेक्ट करेंगे, अंत में हम उनके कंट्रोलर के पास जाएंगे।”
कांग्रेस समेत इंडिया ब्लॉक की विपक्षी पार्टियां आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगी। इसे ‘चलो दिल्ली मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया गया है। विपक्षी नेता दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड जंक्शन पर जुटेंगे। सुप्रीम कोर्ट तक ऐसा मार्च पहली बार निकाला जा रहा है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR पर रोक और बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहा है।
राहुल ने कहा- पुलिस भी डिस्टर्ब है
राहुल ने कहा- “ये पुलिस वाले डिस्टर्ब हैं। ये कह रहे हैं कि हमसे युवाओं को क्यों पिटवाया जा रहा है। वे कह रहे हैं कि युवाओं को रोकने को कहा जा रहा है। आरएसएस के गुंडे महिलाओं को मार रहे हैं। एक तरह हमसे कहा जा रहा है कि पैलेट गन चलाइए।”
राहुल ने कहा- नरेंद्र मोदी ज्ञानेश कुमार को प्रोटेक्ट कर रहे
राहुल गांधी ने कहा- लोगों को दिल्ली जाने से रोका जा रहा है। बसों, ट्रेनों को रोका जा रहा है, उतारा जा रहा है। दिल्ली को किला बना दिया है। आप सोचोगे कि कितनी पावरफुल चीज है। हम चाहते हैं कि 20-30 हजार पुलिसवाले सड़क पर हों।
हम देश को दिखाना चाहते हैं कि सरकार, नरेंद्र मोदी ज्ञानेश कुमार को प्रोटेक्ट कर रहे हैं। जितना वो प्रोटेक्ट करेंगे, अंत में हम उनके कंट्रोलर के पास जाएंगे।
देवेंद्र फडणवीस बोले- विपक्ष ने साबित किया संविधान में भरोसा नहीं
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “संविधान में कहां लिखा है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश को किसी विरोध मार्च से मिलना ही होगा? सुप्रीम कोर्ट की बात सही है कि अगर आपको कोई शिकायत है तो आपको कोर्ट जाना चाहिए और कानूनी तरीके से लड़ना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “विपक्ष ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें संविधान में कोई भरोसा नहीं है और वे संविधान विरोधी हैं। जब चीफ जस्टिस ने अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करते हुए कहा कि वे विरोध मार्च से नहीं मिल सकते तो उन्होंने उन्हें गालियां देना शुरू कर दिया। यह एक साजिश है।”
सौरव दास ने कहा- हमें प्रदर्शन कब करना है, डेट बताए
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “पुलिस सभी से कहती है कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए 10 दिन पहले संपर्क करें। अब हम पुलिस से कह रहे हैं कि वह खुद हमें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख और समय बता दें। हम पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं।”
सुप्रिया सुले बोलीं- लोगों का संवैधानिक अधिकार छीना जा रहा
एनसीपी-एससीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके न्याय चाहते हैं, क्योंकि में इस समय जो हो रहा है, वो गलत है। कल 3 जर्नलिस्ट को हिरासत में ले लिया गया। देश में लोकतंत्र है। हरेक को बोलने, घूमने का संवैधानिक अधिकार है, वो भी छीन लेना चाहते हो?
कर्नाटक सीएम बोले- नागरिकों के वोट देने के अधिकार को बचा रहे
विपक्षी नेताओं से न मिलने के फैसले पर कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार ने कहा, ‘देश में लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए। अगर इलेक्शन कमीशन नहीं मिल रहा तो प्रधानमंत्री को उन्हें बुलाकर समस्या पूछनी चाहिए। ऐसी स्थिति में सीजेआई से अनुरोध करने का कोई विकल्प नहीं था।
उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर अदालतें बंद रही हैं और कोर्ट आम जनहित याचिकाओं में दखल नहीं देना चाहता। हम हर तरह से देश में लोकतंत्र और हर नागरिक के वोट देने के अधिकार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लोकतंत्र में सब संभव है।’
विपक्ष ने 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा था ज्ञापन
9 अक्टूबर को इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला था। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं रखी थीं।

