मिशन शक्ति फेज-6 का आगाज, महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए 900 लोगों ने निकाली पदयात्रा
फूलबाग से कोतवाली तक गूंजा जागरूकता का संदेश, महापौर, पुलिस आयुक्त और महिला आयोग की सदस्य ने दिखाई हरी झंडी
कानपुर। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर सोमवार को कानपुर में मिशन शक्ति अभियान फेज-6 की शुरुआत हुई। इस मौके पर फूलबाग चौराहे से कोतवाली तक जागरूकता पदयात्रा निकाली गई, जिसमें करीब 900 लोगों ने हिस्सा लिया। पदयात्रा के जरिए महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने तथा आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया गया।
पदयात्रा को महापौर प्रमिला पांडेय, पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल और राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम द्विवेदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों की छात्राओं के साथ पुलिस अधिकारी, चिकित्सक, अधिवक्ता, शिक्षक, मनोवैज्ञानिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रतिभागियों ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के प्रति समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।
अधिकारों के प्रति जागरूक होने का दिया संदेश
पदयात्रा का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक करना रहा। अभियान के माध्यम से संदेश दिया गया कि महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी रखें और किसी भी तरह के उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में संबंधित विभागों से मदद लेने में संकोच न करें। साथ ही समाज के सभी वर्गों से महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण बनाने में सहयोग करने की अपील की गई।
10 दिनों तक चलेगा विशेष जागरूकता अभियान
मिशन शक्ति फेज-6 के तहत जिले में 10 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत महिलाओं और छात्राओं को कानूनी अधिकारों, सुरक्षा हेल्पलाइन और सरकार की सहायता योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। विभिन्न विभागों के समन्वय से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि जरूरतमंद महिलाओं तक सुरक्षा और सहायता से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी पहुंचाई जा सके।
सुरक्षा के साथ आत्मनिर्भरता पर भी जोर
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से संचालित अभियान में महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने पर जोर दिया जाएगा। अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं से परिचित कराने के साथ ही उन्हें स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। फूलबाग से कोतवाली तक निकली पदयात्रा के साथ शुरू हुए इस अभियान में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

