गोमती की बाढ़ से लखनऊ में हाहाकार, घरों में घुसा पानी
लखनऊ। राजधानी में गोमती नदी की बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। फैजुल्लागंज, लोहरामऊ और दाउदनगर समेत कई क्षेत्रों में घरों और सड़कों पर पानी भरा होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। लोग अपनी गृहस्थी और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से घरों का सामान निकाला जा रहा है तो कहीं अस्थायी नावों के सहारे लोग सुरक्षित जगहों तक पहुंच रहे हैं। लंबे समय से जलभराव के कारण बिजली-पानी की समस्या और संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं, पानी से घिरे घरों में चोरी की आशंका ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। फैजुल्लागंज के चौबे डेरी निवासी सुमन और रमन का घर बाढ़ के पानी में डूब गया है। परिवार के अधिकांश सदस्यों को प्रीति नगर स्थित किराये के मकान में स्थानांतरित कर दिया गया है। अब ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए घर का जरूरी सामान सुरक्षित जगह पहुंचाया जा रहा है। क्षेत्र के कई अन्य परिवार भी इसी तरह अपनी गृहस्थी बचाने में जुटे हैं। मौर्या मार्केट के पास रहने वाले लोगों का कहना है कि पिछले दिनों कुछ घरों में चोरी की घटनाएं हुई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात में नाविकों के चले जाने के बाद कुछ युवक नाव लेकर पानी से घिरे घरों तक पहुंचते हैं। अंधेरे में यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि कौन अपना सामान निकाल रहा है और कौन चोरी के इरादे से आया है। दूसरी ओर, नगर निगम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव से जुड़े कार्य तेज कर दिए हैं। जलभराव के कारण मच्छरों के प्रजनन और संक्रामक रोगों की आशंका को देखते हुए ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को खाद्य सामग्री और पेयजल भी उपलब्ध कराया जा रहा है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने फैजुल्लागंज और आसपास के इलाकों का निरीक्षण कर अधिकारियों को राहत सामग्री पहुंचाने तथा सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, कई इलाकों में पानी भरा होने से लोगों को अब भी सामान्य जीवन में लौटने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

