हाईटेंशन लाइन की चपेट में चाचा-भतीजे की मौत, शव रखकर प्रदर्शन

हाईटेंशन लाइन की चपेट में चाचा-भतीजे की मौत, शव रखकर प्रदर्शन

मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन, स्कूल के बाहर चार घंटे से शव रखकर प्रदर्शन; एसीपी-डीसीपी समेत छह थानों का फोर्स तैनात

मृतकों के परिवारों को मिले पांच-पांच लाख के चेक, नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का भी समझौता

कानपुर। केशवपुरम स्थित बालाजी अपार्टमेंट में शनिवार को ग्रिल लगाने के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में दोनों बुरी तरह झुलस गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे में उनके साथ मौजूद एक अन्य मजदूर भी करंट की चपेट में आकर घायल हुआ।

रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों और रिश्तेदारों का आक्रोश उस समय फूट पड़ा, जब उन्होंने दोनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के बजाय अपार्टमेंट मालिक के काकादेव स्थित कानपुर पब्लिक इंटर कॉलेज के बाहर सड़क पर रख दिया और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब चार घंटे से सड़क पर प्रदर्शन जारी है।

ग्रिल लगाने के दौरान हुआ हादसा

रावतपुर निवासी राजपाल उर्फ छोटू (39) प्राइवेट काम करते थे। उनके परिवार में पिता विश्राम सिंह, पत्नी सुमन, बेटियां सौम्या और श्रेया तथा बेटा कबीर हैं। शनिवार को वह अपने भतीजे अभिषेक (30) और एक अन्य मजदूर के साथ केशवपुरम स्थित बालाजी अपार्टमेंट में ग्रिल लगाने पहुंचे थे। अभिषेक भी ग्रिल लगाने का काम करता था। उसकी पत्नी सुनीता और बेटी पूर्णिमा हैं। परिजनों के मुताबिक, चार मंजिला अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर एक फ्लैट में ग्रिल लगाने के लिए नाप ली जा रही थी। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में राजपाल और अभिषेक आ गए। करंट लगते ही दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। उनके साथ काम कर रहा तीसरा मजदूर भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गया।

अस्पताल पहुंचने से पहले दोनों ने तोड़ा दम

हादसे के बाद अपार्टमेंट में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से झुलसे राजपाल और अभिषेक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घायल तीसरे मजदूर का उपचार कराया गया।

सूचना पर रावतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को दी और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी।

रातभर घर में मातम, सुबह स्कूल के बाहर रखे शव

शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस सुरक्षा में दोनों शव घर पहुंचाए गए। शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का कहना था कि राजपाल और अभिषेक दोनों अपने-अपने परिवार की कमाई का प्रमुख सहारा थे। अचानक हुई मौत से दोनों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

रविवार सुबह परिजन और रिश्तेदार दोनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के बजाय अपार्टमेंट मालिक के स्कूल के बाहर पहुंच गए। यहां सड़क पर दोनों शव रखकर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।

परिजनों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

परिजनों ने मृतकों के आश्रितों के लिए आर्थिक सहायता और भविष्य की सुरक्षा की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं—

  • दोनों मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  • परिवार के एक-एक सदस्य को स्कूल में 25 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी दी जाए।
  • मृतकों के बच्चों की अच्छे स्कूल में पढ़ाई का पूरा खर्च स्कूल मालिक उठाएं।

परिजनों का कहना है कि जब तक इन मांगों को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक शवों को सड़क से नहीं हटाया जाएगा।

बंद हॉल में अधिकारियों और परिजनों के बीच बातचीत

मामला बढ़ने के बाद स्कूल परिसर के अंदर बंद हॉल में स्कूल मालिक, पुलिस अधिकारियों और मृतकों व घायल मजदूर के परिवारों के करीब 30 लोगों के बीच बातचीत चल रही है। काफी देर से बातचीत का दौर जारी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका था। वहीं स्कूल के बाहर सड़क पर दोनों शव रखे होने के कारण बड़ी संख्या में लोग जमा हैं।

छह थानों का फोर्स तैनात

शवों को सड़क पर रखकर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही रावतपुर समेत आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं और शवों को सड़क से हटाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन ठोस आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। मौके पर डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम और एसीपी कल्याणपुर दिलीप कुमार सिंह समेत पश्चिम जोन का पुलिस बल मौजूद है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए करीब छह थानों की फोर्स तैनात की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के कारणों के साथ ही लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

मृतकों के परिवारों को मिले पांच-पांच लाख के चेक, नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का भी समझौता

हादसे में जान गंवाने वाले दोनों लोगों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। वार्ड 60 के पार्षद विनय शुक्ला ने बताया कि चार दौर की बातचीत के बाद दोनों परिवारों की सहमति से समझौता हुआ। मृतकों की पत्नियों के नाम पांच-पांच लाख रुपये के अकाउंट पेई चेक दिए गए। इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए दोनों परिवारों को 50-50 हजार रुपये नकद दिए गए। समझौते के तहत एक मृतक के बच्चों को इंटरमीडिएट तक संबंधित विद्यालय में निश्शुल्क शिक्षा दी जाएगी। वहीं दूसरे मृतक की बेटी के पढ़ने योग्य होने पर उसका दाखिला आइसीएसई बोर्ड के विद्यालय में कराया जाएगा।

पत्नी को मिलेगी 14 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी

मृतक राजपाल के छोटे भाई सुशील पाल ने बताया कि समझौते के तहत उनकी भाभी को पांच लाख रुपये का चेक और 50 हजार रुपये नकद दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मृतक को मिलने वाले 14 हजार रुपये मासिक वेतन के आधार पर उनकी भाभी की नौकरी तय की गई है। परिवार के तीनों बच्चों की इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई निश्शुल्क कराने की बात भी समझौते में शामिल है। सुशील पाल ने कहा कि परिवार समझौते से संतुष्ट है। उन्होंने बताया कि समझौते के लिए परिवार पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया और अब उनकी कोई शिकायत नहीं है।

नातिन की कक्षा एक से 12 तक निश्शुल्क पढ़ाई

दूसरे मृतक राहुल उर्फ अभिषेक के पिता दीनदयाल ने बताया कि उनकी नातिन की कक्षा एक से 12 तक सीबीएसई बोर्ड के विद्यालय में निश्शुल्क शिक्षा दिलाने पर सहमति बनी है। परिवार को पांच लाख रुपये का चेक और क्रिया-कर्म के लिए 50 हजार रुपये दिए जाने की बात तय हुई है। उन्होंने बताया कि उनकी बहू को भी 18 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी देने का आश्वासन दिया गया है। दीनदयाल के मुताबिक परिवार की सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है और वह समझौते से संतुष्ट हैं।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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