नकली एंटी-रेबीज वैक्सीन मामले में कानपुर कनेक्शन गहराया, दो दवा एजेंसियां सील

नकली एंटी-रेबीज वैक्सीन मामले में कानपुर कनेक्शन गहराया, दो दवा एजेंसियां सील

बिरहाना रोड की न्यू आरजे एजेंसी और एलेक्सा एजेंसी पर ड्रग विभाग की कार्रवाई, 20 से अधिक मेडिकल स्टोरों पर छापे की तैयारी
कानपुर। दिल्ली में सामने आए कथित नकली एंटी-रेबीज वैक्सीन ‘अभयरब’ के मामले में कानपुर कनेक्शन सामने आने के बाद ड्रग विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने बिरहाना रोड स्थित थोक दवा बाजार में न्यू आरजे एजेंसी और एलेक्सा एजेंसी पर छापा मारकर दोनों फर्मों को सील कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, मौके से नकली वैक्सीन बरामद नहीं हुई, लेकिन दस्तावेजों और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
दिल्ली में हुई कार्रवाई के दौरान कथित नकली वैक्सीन के 481 वायल बरामद हुए थे। जांच में इनकी आपूर्ति कानपुर की एक एजेंसी से जुड़े होने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय ड्रग विभाग सक्रिय हुआ है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वैक्सीन की खरीद कहां से हुई, इसकी सप्लाई किन स्थानों तक पहुंची और पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
पहले भी हुई थी न्यू आरजे एजेंसी की जांच
ड्रग विभाग की टीम ने 22 सितंबर को भी न्यू आरजे एजेंसी पर पहुंचकर जांच की थी। उस समय दुकान बंद मिली थी। बुधवार को ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह और देवयानी दुबे ने दोबारा कार्रवाई की। टीम को दुकान से कथित नकली वैक्सीन नहीं मिली। हालांकि, जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए फर्म को सील कर दिया गया।
ड्रग इंस्पेक्टर देवयानी दुबे के अनुसार, फर्म से संबंधित खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, बिल और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज लिए गए हैं। दुकान की प्रोपराइटर बलजीत कौर मौके पर मौजूद नहीं थीं।
इसके बाद टीम एलेक्सा एजेंसी पहुंची, जहां शटर बंद मिला। अधिकारियों ने फर्म को भी सील कर दिया है। संचालक से संपर्क कर संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
20 से अधिक मेडिकल स्टोर जांच के दायरे में
ड्रग विभाग अब शहर के 20 से अधिक मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। जांच में सामने आई सूचनाओं के आधार पर विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कथित नकली वैक्सीन की आपूर्ति कानपुर शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य जिलों तक तो नहीं हुई।
अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद सप्लाई चेन से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
हर माह बिकती हैं हजारों वैक्सीन
बिरहाना रोड के थोक दवा बाजार में हर महीने करीब 5 से 6 हजार एंटी-रेबीज वैक्सीन की बिक्री होने की बात सामने आई है। कुत्तों के काटने के मामलों में वृद्धि के बीच इन दिनों अभयरब वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर भी कमी बताई जा रही है। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं मांग और आपूर्ति में कमी का फायदा उठाकर कथित नकली वैक्सीन की सप्लाई तो नहीं की गई।
सहायक आयुक्त ड्रग गोविंद गुप्ता के अनुसार, नकली एंटी-रेबीज वैक्सीन मामले की जांच चल रही है। दोनों दुकानों पर कार्रवाई दस्तावेजों से छेड़छाड़ अथवा उन्हें हटाए जाने की आशंका को देखते हुए की गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पिछले साल भी सामने आए थे नकली दवाओं के मामले
बिरहाना रोड में नकली दवाओं का मामला नया नहीं है। पिछले वर्ष अक्तूबर में ड्रग विभाग ने श्री लक्ष्मी फार्मा पर छापा मारकर करीब पांच लाख रुपये की कथित नकली दवाएं बरामद की थीं। जांच में दवाओं पर एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और एमआरपी तक प्रिंट किए जाने की बात सामने आई थी।
इसी तरह ज्ञानवीर निगम ब्रदर्स के यहां भी ड्रग विभाग की कार्रवाई में संदिग्ध दवाओं के नमूने लिए गए थे। जांच में नमूने फेल होने के बाद विभाग ने फर्म को सील कर लाइसेंस निरस्त किया था।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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