मानसिक रूप से अस्वस्थ चमड़ा कारोबारी ने तीन बाइकों में लगाई आग
जाजमऊ के गज्जूपुरवा में आधी रात मची अफरा-तफरी, दूसरे तल पर मौजूद थे करीब एक दर्जन लोग
कानपुर। जाजमऊ के गज्जूपुरवा में गुरुवार देर रात मानसिक रूप से अस्वस्थ चमड़ा कारोबारी ने घर में खड़ी तीन बाइकों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। देखते ही देखते तीनों बाइक धू-धूकर जलने लगीं और आग की लपटें उठने लगीं। घटना के दौरान मकान के दूसरे तल पर आरोपी के चार बेटों के परिवार समेत करीब एक दर्जन लोग मौजूद थे। आग लगते ही घर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने घरों से पाइप लगाकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना में किसी के झुलसने या घायल होने की सूचना नहीं है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी जुटाई।
मां से विवाद के बाद घर से निकले थे
गज्जूपुरवा निवासी परचून दुकानदार वकील अहमद ने बताया कि उनके पिता शकील अहमद चमड़ा कारोबारी हैं और वर्ष 2009 से उनका मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा है। परिवार में तीन भाई जकी, शनि और वसी हैं।
वकील के मुताबिक, गुरुवार रात मां से विवाद के बाद पिता गुस्से में बाइक लेकर घर से निकल गए थे। करीब रात 12 बजे वह वापस लौटे और गेट खटखटाया। इसके बाद घर के अंदर खड़ी तीन बाइकों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
कुछ ही देर में तीनों बाइक आग की लपटों में घिर गईं। दूसरे तल पर मौजूद परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग भी पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए।
दवा बंद होते ही बिगड़ जाती है हालत
वकील अहमद ने बताया कि उनके पिता का वर्ष 2009 से इलाज चल रहा है। परिवार के मुताबिक, दवा लेने के दौरान उनकी स्थिति सामान्य रहती है, लेकिन दवा बंद होने पर मानसिक स्थिति बिगड़ जाती है।
परिवार ने बताया कि वर्ष 2010 में भी शकील ने घर में खड़ी दो बाइकों में आग लगा दी थी। गुरुवार रात हुई घटना के बाद परिवार के लोग दहशत में हैं।
पुलिस बोली-तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
जाजमऊ थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि आग से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

