कानपुर में सामान्य से 77% अधिक बारिश, देहात में 48% कम

कानपुर में सामान्य से 77% अधिक बारिश, देहात में 48% कम

बारिश के वितरण में बड़ा अंतर, कंक्रीट के जंगल से शहर में स्थानीय स्तर पर बढ़ रही बारिश की गतिविधियां; अगले 24 घंटे में मानसून की वापसी शुरू होने के आसार

कानपुर। इस बार मानसून ने कानपुर और आसपास के जिलों में बारिश का असमान वितरण दिखाया है। कानपुर नगर में अब तक सामान्य से 77 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि पड़ोसी जिले कानपुर देहात में सामान्य से 48 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, दोनों क्षेत्रों में बारिश के इस बड़े अंतर के पीछे स्थानीय मौसम परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के मुताबिक, कानपुर शहर में अब तक 1094.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 618.7 मिलीमीटर है। इसके विपरीत कानपुर देहात में अब तक महज 296.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि वहां सामान्य बारिश 574.5 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस बीच मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी शुरू होने के संकेत मिलने लगे हैं। अगले 24 घंटे में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर प्रदेश से मानसून की पूरी विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह तक हो सकती है।

सुबह तेज धूप, दिन में उमस और गर्मी

बुधवार सुबह कानपुर में तेज धूप निकली और आसमान साफ रहा। सुबह से ही तापमान बढ़ने लगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, दिन में उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। हालांकि शाम के समय हल्के बादल छाने की संभावना है। डॉ. पांडेय के मुताबिक, वातावरण में मौजूद नमी के कारण अगले कुछ दिनों तक स्थानीय स्तर पर बादल बन सकते हैं। हालांकि मानसून की वापसी के साथ बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम होने लगेंगी।

कंक्रीट के जंगल से शहर में ज्यादा बारिश

मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार, बड़े शहरों में स्थानीय परिस्थितियां बारिश के पैटर्न को प्रभावित करती हैं। कानपुर में तेजी से बढ़ते कंक्रीट के क्षेत्र के कारण दिन के समय सतह का तापमान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक बढ़ सकता है। गर्म हवा ऊपर की ओर उठती है। वातावरण में मौजूद नमी भी ऊपर पहुंचती है। इससे ऊंचाई पर नमी का जमाव बढ़ता है और अनुकूल परिस्थितियों में बादल तेजी से विकसित हो सकते हैं। यही बादल बाद में बारिश में बदल जाते हैं। इसी कारण शहर में कई बार शाम से रात के बीच बारिश की गतिविधियां अधिक देखने को मिलती हैं।

कानपुर और देहात में बारिश का बड़ा अंतर

इस मानसून में कानपुर नगर और कानपुर देहात के बारिश के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला है।

कानपुर नगर

  • अब तक बारिश: 1094.3 मिमी
  • सामान्य बारिश: 618.7 मिमी
  •  सामान्य से अधिक: 77 प्रतिशत

कानपुर देहात

  • अब तक बारिश: 296.2 मिमी
  • सामान्य बारिश: 574.5 मिमी
  • सामान्य से कम: 48 प्रतिशत

आंकड़े बताते हैं कि एक ही क्षेत्र के आसपास स्थित दोनों जिलों में मानसूनी बारिश का वितरण कितना अलग रहा।

एक सप्ताह तक बनी रह सकती है वातावरण में नमी

डॉ. पांडेय के अनुसार, मानसून की वापसी शुरू होने के बावजूद वातावरण में मौजूद नमी का असर तत्काल पूरी तरह खत्म नहीं होगा। करीब एक सप्ताह तक नमी बादलों के रूप में बनी रह सकती है। सोमवार को कानपुर के तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई थी। फिलहाल मानसून की वापसी की रेखा अलीगढ़ के आसपास बनी हुई है। अगले 24 घंटे में इसके आगे बढ़ने के आसार हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने लगेंगी।

तीन दिन बाद उमस में आने लगेगी कमी

उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली शुष्क हवाओं का असर अब गंगा के मैदानी क्षेत्रों और कानपुर मंडल में बढ़ने की संभावना है। इन हवाओं के प्रभाव से वातावरण में मौजूद नमी धीरे-धीरे कम होगी। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, करीब तीन दिन बाद उमस में स्पष्ट कमी आने लगेगी। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू होने के बाद सुबह और शाम के तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है। हालांकि दिन में तेज धूप रहने के कारण गर्मी का असर बना रहेगा।

मंगलवार को सामान्य से नीचे रहा तापमान

सीएसए की मंगलवार की मौसम रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री कम था।अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 82 प्रतिशत रही। सुबह से दिनभर तेज धूप निकली रही, जबकि शाम को चली ठंडी हवाओं ने लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत दी।

मानसून की विदाई के साथ बदलेगा मौसम

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की वापसी के साथ अब मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगेगा। शुरुआती दिनों में नमी के कारण उमस बनी रह सकती है, लेकिन शुष्क हवाओं का प्रभाव बढ़ने के बाद वातावरण साफ होने लगेगा। दिन में तेज धूप और रात तथा सुबह के समय अपेक्षाकृत ठंडक का दौर शुरू हो सकता है। उत्तर प्रदेश से अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मानसून की पूरी विदाई के बाद मौसम में बदलाव और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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