कानपुर में आज बदलेगा मौसम, गरज-चमक के साथ बारिश के आसार; आंधी-पानी की 50 से 70% संभावना
सुबह से छाए बादल और चली हवाएं, बारिश से उमस भरी गर्मी से मिल सकती है राहत
कानपुर। मानसून की सक्रियता के चलते मंगलवार को कानपुर के मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं और हवाओं की रफ्तार भी बढ़ी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक दोपहर बाद से शाम तक गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज बौछारें पड़ने की भी संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार मंगलवार को आंधी और बारिश की 50 से 70 प्रतिशत संभावना बनी हुई है। मानसून सक्रिय रहने के कारण दिनभर बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। बारिश होने पर तापमान में मामूली गिरावट आने के साथ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
दोपहर बाद बढ़ेगी बारिश की संभावना
सुबह के समय आसमान में मुख्य रूप से बादल छाए रह सकते हैं। दोपहर बाद वातावरण में बदलाव होने और गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर आंधी के साथ तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश सभी क्षेत्रों में एक समान नहीं होगी। शहर के कुछ हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में केवल बादल और हल्की बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
सोमवार को धूप-छांव के बीच उमस ने किया परेशान
इससे पहले सोमवार सुबह हल्के बादल छाए रहे। दोपहर में बादलों के बीच से धूप निकलने के कारण दिनभर धूप-छांव का सिलसिला चलता रहा। बारिश नहीं होने से वातावरण में उमस बढ़ गई और लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा।
सीएसए की सोमवार को जारी मौसम रिपोर्ट के मुताबिक शहर में अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है।
हवा में नमी भी काफी अधिक रही। सोमवार को अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 85 प्रतिशत दर्ज की गई। यही वजह रही कि तापमान बहुत अधिक नहीं होने के बावजूद उमस ने लोगों को परेशान किया।
बारिश हुई तो तापमान में आएगी गिरावट
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मंगलवार को यदि अपेक्षित बारिश होती है तो तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उमस और गर्मी से लोगों को अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से बाद में फिर उमस की स्थिति बन सकती है।

