बंदर-कुत्तों के बाद अब घोड़े का आतंक, एक ही रात में तीन लोगों पर हमला
चकेरी के सनिगवां में महिला को दौड़ाकर गिराया, कई जगह काटा; दो राहगीर भी हुए घायल
कानपुर। शहर में बंदर और कुत्तों के हमलों के बाद अब एक घोड़े ने सनिगवां इलाके में लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी है। चकेरी के सनिगवां डबल स्टोरी कॉलोनी में सोमवार देर रात एक घोड़े ने एक महिला समेत तीन लोगों पर हमला कर दिया। घोड़े के हमले में तीनों घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और किसी तरह घोड़े को वहां से भगाया।
घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से कांशीराम अस्पताल पहुंचाया गया। महिला की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हैलट अस्पताल भेजा गया।
पति को खाना देकर लौट रही थी महिला
सनिगवां डबल स्टोरी कॉलोनी निवासी अहमद हुसैन की घर से करीब 500 मीटर दूर चाय की दुकान है। सोमवार रात उनकी पत्नी अफसाना बेगम (45) पति को खाना देने दुकान पर गई थीं। खाना देने के बाद वह पैदल घर लौट रही थीं।
बताया गया कि इसी दौरान रास्ते में एक घोड़े ने अचानक उनका पीछा करना शुरू कर दिया। घोड़े से बचने के लिए अफसाना तेजी से दौड़ीं, लेकिन इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ीं। इसके बाद घोड़े ने उन पर हमला कर दिया और शरीर के कई हिस्सों में काट लिया।
महिला की चीख सुनकर आसपास के लोग बाहर निकल आए। लोगों ने डंडे लेकर घोड़े को भगाया और घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया।
दो राहगीरों को भी बनाया निशाना
इसी दौरान रास्ते से गुजर रहे बाबूलाल कन्नौजिया और रहमत अली पर भी घोड़े ने हमला कर दिया। दोनों को भी घोड़े ने काटकर घायल कर दिया। एक ही रात में तीन लोगों पर हमले की घटना से कॉलोनी में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को कांशीराम अस्पताल ले जाया गया। बाबूलाल और रहमत की हालत ठीक होने पर उपचार के बाद उनके परिजन उन्हें घर ले गए।
महिला की हालत गंभीर, हैलट रेफर
अफसाना बेगम को कांशीराम अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि हैलट पहुंचने के बाद महिला को भर्ती कराने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
घोड़े को पकड़ने की मांग
एक ही रात में तीन लोगों पर घोड़े के हमले से स्थानीय लोगों में दहशत है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते घोड़े को नहीं पकड़ा गया तो वह दोबारा किसी व्यक्ति पर हमला कर सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से घोड़े को तत्काल पकड़ने के साथ इलाके में घूम रहे आवारा पशुओं पर भी प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि शहर में पहले ही बंदर और कुत्तों के हमलों का खतरा बना हुआ है, अब आवारा घोड़ा भी लोगों की सुरक्षा के लिए चुनौती बन गया है।

