जाजमऊ पुल का डायवर्जन बढ़ा रहा सफर का खर्च, कानपुर-लखनऊ बस किराया 22 रुपये महंगा
15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर रही रोडवेज बसें, अब एक तरफ के लिए देने होंगे 145 रुपये
कानपुर। जाजमऊ के पुराने गंगा पुल पर चल रहे मरम्मत कार्य का असर अब कानपुर-लखनऊ के बीच सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर भी पड़ने लगा है। पुल पर बड़े वाहनों के लिए लागू किए गए रूट डायवर्जन के कारण रोडवेज बसों को करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इसके चलते कानपुर से लखनऊ और लखनऊ से कानपुर के बीच रोडवेज बस का किराया बढ़ा दिया गया है।
डायवर्जन से पहले इस मार्ग पर यात्रियों को 123 रुपये किराया देना पड़ता था। अब एक तरफ के सफर के लिए 145 रुपये चुकाने होंगे। यानी यात्रियों को प्रत्येक तरफ 22 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। वहीं कानपुर से लखनऊ जाकर वापस आने वाले यात्रियों को कुल 44 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे।
रोज सफर करने वालों पर सबसे ज्यादा असर
कानपुर और लखनऊ के बीच नौकरी, कारोबार, पढ़ाई और अन्य कामों के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए किराये में 22 रुपये की बढ़ोतरी मामूली नहीं है। महीने में लगातार आने-जाने वालों के यात्रा खर्च में इसका सीधा असर पड़ेगा।
डायवर्जन जितने समय तक लागू रहेगा, यात्रियों को बढ़े हुए किराये के साथ ही सफर करना होगा।
15 किलोमीटर बढ़ी बसों की दूरी
जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के कारण उन्नाव से कानपुर आने वाले बड़े वाहनों और बसों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा रहा है। इससे रोडवेज बसों की यात्रा दूरी करीब 15 किलोमीटर बढ़ गई है।
अतिरिक्त दूरी के कारण बसों को पहले की तुलना में अधिक समय और ईंधन खर्च करना पड़ रहा है। इसी वजह से लखनऊ-कानपुर मार्ग पर बस किराये में बढ़ोतरी की गई है। डायवर्जन का असर बसों के संचालन और यात्रा समय पर भी पड़ रहा है।
पुल की मरम्मत पूरी होने तक जारी रहेगा असर
जाजमऊ के पुराने गंगा पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए एनएचएआई की ओर से मरम्मत का काम कराया जा रहा है। बड़े वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध के कारण उन्हें वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जा रहा है।
इसका असर केवल यातायात पर ही नहीं, बल्कि यात्रियों की जेब पर भी पड़ा है। फिलहाल कानपुर-लखनऊ रोडवेज यात्रा के लिए 145 रुपये देने होंगे। पुल की मरम्मत पूरी होने और यातायात व्यवस्था सामान्य होने के बाद ही किराये और रूट व्यवस्था में राहत मिलने की उम्मीद है।
यानी पुल की मरम्मत का काम जहां सुरक्षा के लिए जरूरी है, वहीं डायवर्जन ने यात्रियों के सफर की दूरी, समय और खर्च—तीनों बढ़ा दिए हैं।

