विनीत मिनोचा हत्याकांड: बेटे सुब्रत का नया ठिकाना बैरक नंबर-12, शुगर लेवल 600 पार
14 दिन मुलाहिजा बैरक में रहने के बाद किया गया शिफ्ट, तबीयत खराब होने का हवाला देकर जेल में काम करने से किया इनकार
कानपुर। करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जेल में बंद उनके बेटे सुब्रत मिनोचा को अब बैरक नंबर-12 में शिफ्ट कर दिया गया है। 24 सितंबर को जेल भेजे जाने के बाद से वह मुलाहिजा बैरक में बंद था। जेल मैन्युअल के अनुसार, निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उसे नाम के शुरुआती अक्षर के आधार पर नई बैरक आवंटित की गई है। इस बीच सुब्रत ने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए जेल में काम करने से इनकार कर दिया। जेल प्रशासन के मुताबिक, वह डायबिटीज से पीड़ित है और उसका शुगर लेवल 600 के पार पहुंच गया है। जेल के डॉक्टर उसकी निगरानी में इलाज कर रहे हैं।
पिता की हत्या कराने की बात कबूलने का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सुब्रत ने अपने पिता की हत्या कराने की बात स्वीकार की थी। उसने कथित तौर पर बताया था कि पिता के कई महिलाओं से संबंध थे और वह उन पर हर सप्ताह हजारों रुपये खर्च करते थे, जबकि उसे पैसे देने से इनकार कर देते थे।
पुलिस के अनुसार, सुब्रत को आशंका थी कि उसके पिता किसी महिला से शादी कर उसे घर ले आए तो संपत्ति में बंटवारा हो सकता है। इसी आशंका और पारिवारिक विवाद के चलते उसने पिता की हत्या कराने की साजिश रची। हालांकि, मामले में आरोपों और साक्ष्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
गले और सीने पर चाकू से किए गए थे 17 वार
रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर सी-104 निवासी 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की पांच सितंबर की देर रात हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनके गले और सीने पर चाकू से 17 वार किए थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अपार्टमेंट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें विनीत मिनोचा का पूर्व नौकर विशाल गौतम अपने साथी राजकिशोर के साथ फ्लैट में प्रवेश करता दिखाई दिया। दोनों के खिलाफ जांच आगे बढ़ी और छह सितंबर की देर रात पुलिस की उनसे मुठभेड़ हो गई। पैर में गोली लगने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पहले बहू शालू पर लगाया था आरोप
गिरफ्तारी के बाद विशाल ने पुलिस के सामने दवा कारोबारी की बहू शालू मिनोचा का नाम लिया था। उसने आरोप लगाया था कि शालू के कहने पर उसने विनीत मिनोचा की हत्या की और इसके बदले उसे छह लाख रुपये देने का वादा किया गया था। अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड मदन सिंह ने भी अपने बयान में बताया था कि शालू के कहने पर ही उसने विशाल और राजकिशोर को फ्लैट में जाने की अनुमति दी थी। पुलिस को शालू और विशाल के बीच बातचीत की कॉल डिटेल भी मिली थी। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
रिमांड पर पूछताछ में बदल गया विशाल का बयान
हत्याकांड में सुब्रत मिनोचा की भूमिका को लेकर भी पुलिस को संदेह था। आरोपियों से सुब्रत का आमना-सामना कराने और हत्या में इस्तेमाल की गई चाबी बरामद करने के लिए पुलिस ने 23 सितंबर को आरोपियों का 24 घंटे का कस्टडी रिमांड लिया था। पुलिस के मुताबिक, रिमांड के दौरान विशाल अपने पहले के बयान से पलट गया। उसने दावा किया कि सुब्रत के कहने पर ही उसने शालू का नाम लिया था। विशाल ने कथित तौर पर कहा कि सुब्रत उसका खर्च उठाते थे और वह उनके लिए कुछ भी कर सकता है। उसने यह भी दावा किया कि सुब्रत ने उसे पकड़े जाने की स्थिति में शालू का नाम लेने के लिए कहा था। इसके बाद पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने पूछताछ में पिता की हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस ने 24 सितंबर को सुब्रत को जेल भेज दिया, जबकि शालू को क्लीनचिट दिए जाने की बात सामने आई।
नाम के आधार पर मिली बैरक
जेल सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक, जेल मैन्युअल के तहत नए बंदियों को शुरुआती अवधि में मुलाहिजा बैरक में रखा जाता है। इसके बाद उन्हें नाम के शुरुआती अक्षर के अनुसार निर्धारित बैरक में स्थानांतरित किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत सुब्रत को बैरक नंबर-12 में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि जेल में नए बंदियों से काम करने की इच्छा के बारे में पूछा जाता है। सहमति देने पर उन्हें अलग-अलग तरह के काम सौंपे जाते हैं और निर्धारित पारिश्रमिक उनके खाते में जमा किया जाता है। सुब्रत से भी काम के बारे में पूछा गया था, लेकिन उसने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए इनकार कर दिया।
शुगर लेवल 600 के पार, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज
जेल प्रशासन के मुताबिक, सुब्रत डायबिटीज का मरीज है। जेल में जांच के दौरान उसका शुगर लेवल 600 से अधिक पाया गया। इसके बाद डॉक्टर प्रभाकर और डॉक्टर समीर की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। जेल सुपरिटेंडेंट ने बताया कि सुब्रत ने डॉक्टरों को जानकारी दी है कि वह लंबे समय से शुगर की समस्या से परेशान है और शुगर लेवल बढ़ने पर इंसुलिन का इस्तेमाल करता रहा है। फिलहाल उसे दवाएं दी जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर इंसुलिन भी दिया जाएगा। विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की जांच के दौरान सामने आए बयानों और कथित कबूलनामे ने मामले को नया मोड़ दिया है। वहीं, जेल में सुब्रत की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उसका इलाज जारी है। अब मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई और साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

