शाहजहांपुर में दो साधुओं की हत्या, मंदिर में चिता बनाकर जलाए शव
एक शव जलता मिला, दूसरे का कंकाल मिला; जमीन को लेकर विवाद की आशंका, आरोपी हिरासत में
शाहजहांपुर। खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में गुरुवार सुबह शिव मंदिर में दो साधुओं के शव जली हालत में मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों साधुओं की हत्या करने के बाद मंदिर परिसर में ही लकड़ियां रखकर चिता बनाई गई और शवों को जला दिया गया। सुबह करीब सात बजे मंदिर से धुआं उठता देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे। एक शव उस समय भी जल रहा था, जबकि दूसरा पूरी तरह जलकर कंकाल में तब्दील हो चुका था।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतकों की पहचान बाबा गोपाल दास (70) और बाबा बिहारी दास (60) के रूप में हुई है। दोनों सूथा गांव स्थित शिव मंदिर में रहते थे। दोनों शव मंदिर परिसर में करीब 10 मीटर की दूरी पर पड़े मिले।
20 साल से मंदिर में रह रहे थे गोपाल दास


ग्रामीणों के अनुसार अजीजगंज मोहल्ले के रहने वाले गोपाल दास कथावाचक थे और करीब 20 वर्षों से मंदिर में रहकर उसकी देखरेख कर रहे थे। उनकी पत्नी विज्जावति की करीब 25 वर्ष पहले मौत हो गई थी। बेटी सरस्वती की शादी हो चुकी है। गोपाल दास चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे।
परिजनों के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले वह घर आए थे और गया जाने की बात कही थी। करीब पांच दिन पहले गया जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में चोट लगने के कारण वापस लौट आए थे।
बिहारी दास भी सूथा गांव के रहने वाले थे। ग्रामीणों के मुताबिक पहले वह गांव के ठाकुर जी मंदिर में रहते थे। करीब एक महीने पहले वह गोपाल दास के शिष्य बने और इसके बाद दोनों शिव मंदिर में साथ रहने लगे थे।
एक महीने पहले जेल से छूटा था सुमित
बिहारी दास के भतीजे प्रदीप सिंह ने गांव के ही सुमित पर हत्या का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि सुमित पहले भी साधुओं पर हमला कर चुका था। ग्रामीणों के मुताबिक सुमित करीब एक महीने पहले जेल से छूटकर आया था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुमित साधुओं को मंदिर से हटाना चाहता था और मंदिर के आसपास की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद था। हालांकि इन आरोपों की पुलिस स्तर से पुष्टि की जानी बाकी है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सुमित पर पहले भी आपराधिक घटनाओं के आरोप रहे हैं।
सुबह मंदिर पहुंचने पर जलते मिले शव
मंदिर की साफ-सफाई करने वाले द्रगपाल ने बताया कि वह बुधवार दोपहर करीब तीन बजे तक साधुओं से मिला था। इसके बाद वह घर चला गया। गुरुवार सुबह करीब सात बजे मंदिर पहुंचा तो दोनों साधुओं के शव जली हालत में पड़े थे।
आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी
मंदिर के संरक्षक शिव कुमार सिंह की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसपी ग्रामीण दीक्षा भवरे के अनुसार पीआरवी को मंदिर में दो साधुओं के जले होने की सूचना मिली थी। खुदागंज पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों शव बुरी तरह जले मिले। मामले में आरोपी बताए जा रहे सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस हत्या के कारणों और घटना के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

