KDA की दो आवासीय योजनाओं को हाईकोर्ट से राहत

KDA की दो आवासीय योजनाओं को हाईकोर्ट से राहत

करीब 10 साल बाद आया फैसला, 10,499.97 वर्गमीटर जमीन पर नियोजन और विकास का रास्ता साफ

कानपुर। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) की महर्षि दयानंद विहार और प्रस्तावित न्यू कानपुर सिटी आवासीय योजना से जुड़ी जमीन के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला केडीए के पक्ष में आया है। अर्बन सीलिंग से जुड़ी जमीन को सीलिंग से मुक्त कराने की मांग को लेकर दाखिल रिट याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। करीब एक दशक से लंबित मामले में फैसला आने के बाद दोनों आवासीय योजनाओं में शामिल जमीन के नियोजन और विकास का रास्ता साफ हो गया है।

केडीए के विशेष कार्याधिकारी (विधि) सतीश शुक्ला ने बताया कि शील कुमार व अन्य की ओर से वर्ष 2016 में जमीन को सीलिंग से मुक्त करने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका संख्या 16051/2016 दाखिल की गई थी। याचिका में ग्राम अकबरपुर बांगर की कई आराजी संख्याओं की जमीन को शामिल किया गया था। इस जमीन पर केडीए की महर्षि दयानंद विहार योजना प्रस्तावित है।

इन आराजी की जमीन थी शामिल

याचिका में ग्राम अकबरपुर बांगर की आराजी संख्या 741, 652, 840, 1011, 869, 876, 877 और 882 की जमीन शामिल थी।

इसके अलावा मौजा बैरी अकबरपुर कछार की आराजी संख्या 531, 607, 698, 1053, 1053/2 और 777 की जमीन भी याचिका का हिस्सा थी। इस क्षेत्र की जमीन पर केडीए की न्यू कानपुर सिटी योजना प्रस्तावित है।

दोनों क्षेत्रों को मिलाकर याचिका में शामिल जमीन का कुल क्षेत्रफल 10,499.97 वर्गमीटर बताया गया है।

43 हजार रुपये वर्गमीटर सर्किल रेट

केडीए के विशेष कार्याधिकारी (विधि) सतीश शुक्ला के अनुसार संबंधित जमीन का सर्किल रेट करीब 43 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर है। इस दर के हिसाब से 10,499.97 वर्गमीटर जमीन की कुल कीमत करीब 45 करोड़ 14 लाख 57 हजार रुपये बैठती है।

करीब दस वर्षों से मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण इन जमीनों के नियोजन और विकास को लेकर कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इसके चलते संबंधित भूमि को लेकर केडीए की योजनाओं की आगे की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही थी।

फैसला आने के बाद विकास का रास्ता साफ

इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा रिट याचिका खारिज किए जाने के बाद अब केडीए के मुताबिक इन जमीनों के नियोजन में कोई विधिक बाधा नहीं है। इससे महर्षि दयानंद विहार और प्रस्तावित न्यू कानपुर सिटी आवासीय योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

केडीए अधिकारियों के अनुसार न्यायालय के फैसले के बाद संबंधित भूमि पर नियोजन और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। करीब एक दशक से लंबित कानूनी विवाद के चलते अटकी प्रक्रिया के लिए हाईकोर्ट का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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