राहुल-प्रियंका आकाशवाणी बिल्डिंग के सामने धरने पर

राहुल-प्रियंका आकाशवाणी बिल्डिंग के सामने धरने पर

अखिलेश, अभिषेक बनर्जी हिरासत में; चुनाव आयोग के खिलाफ 5 दिन में सातवां प्रदर्शन
नई दिल्ली। राहुल गांधी समेत 19 दलों के विपक्षी सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग तक मार्च निकाल रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 विपक्षी पार्टियों के सेव डेमोक्रेसी मार्च को पुलिस ने रोक दिया है। राहुल-प्रियंका को पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठाया, तो वे उतरकर आकाशवाणी बिल्डिंग में घुस गए, लेकिन कुछ देर में बाहर आ गए। राहुल-प्रियंका आकाशवाणी बिल्डिंग के बाहर धरने पर बैठे हैं। आकाशवाणी से आयोग का ऑफिस 270 मीटर दूर है। विपक्ष ने नई संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला था। प्रदर्शन को अब तक ढाई घंटे हो चुके हैं। पुलिस ने विपक्षी सांसदों को तीन बार रोका। इस दौरन राहुल हाथ में तिरंगा लेकर बैरिकेड्स पर चढ़ गए। राहुल ‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’ का पोस्टर लिए दिखे। चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में पिछले पांच दिनों में सातवां प्रदर्शन है।
राहुल ‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’ का पोस्टर लेकर पहुंचे

राहुल Gen-Z से कनेक्ट के लिए प्रदर्शन में ‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’का पोस्टर लेकर पहुंचे थे। उनका मकसद इस वर्ग को सीधे मैसेज देना था। देश में आज हर चौथा वोटर जेन-जी है। चुनाव आयोग के मुताबिक, लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान देश के कुल मतदाताओं में 18-29 साल के वोटरों की हिस्सेदारी 22.78% थी।

शिवराज सिंह बोले- यह जनादेश का अपमान है
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह जनादेश का अपमान है। यह लोकतंत्र की चिंता नहीं, हार की खीझ है। विपक्ष जनादेश का अपमान कर रहा है।

मार्च रोकने के बाद राहुल-प्रियंका बैरिकेड्स पर चढ़े

विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक जाने की मांग पर अड़े रहे। इंडिया ब्लॉक मार्च को NITI आयोग ऑफिस के सामने सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और दूसरे विपक्षी नेता आगे बढ़ने की मांग कर रहे हैं।

विपक्षी गठबंधन की 5 मांगें, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

1. CEC के इस्तीफे की मांग की

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार से इस्तीफा दें। उन्होंने मतदाता सूची में कथित दखल की जांच में सहयोग करने की भी बात कही।

2. मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग

वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और सुधार की पूरी जानकारी बूथ और विधानसभा स्तर पर सार्वजनिक होनी चाहिए। किसी वैध मतदाता का नाम हटाने से पहले नोटिस और अपील का मौका मिलना चाहिए।

3. SIR और वोटर के नाम हटाने पर सवाल

SIR से बड़ी संख्या में वोटर लिस्ट से बाहर हो सकते हैं। भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची इस्तेमाल की जाए।

4. EVM की जगह बैलट पेपर की मांग

EVM की जगह चुनाव में फिर से बैलट पेपर इस्तेमाल हो। पहली बार वोट देने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान हो।

5. विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील

INDIA गठबंधन के दल चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही के मुद्दे पर एकजुट रहें। लोकतंत्र में अंतिम अधिकार जनता का होना चाहिए।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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