दवा कारोबारी हत्याकांड: बेटे सुब्रत पर शिकंजा कसने की तैयारी, पुलिस को मिले कई अहम सुराग
विशाल से लगातार संपर्क, संदिग्ध मुलाकातें और पार्टी के खर्च पर सवाल; पूछताछ में कई सवालों पर चुप रहा सुब्रत
कानपुर। करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उनके बेटे सुब्रत मिनोचा की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत की संदिग्ध गतिविधियों और पूछताछ में सामने आए विरोधाभासों के आधार पर उससे पिछले दो दिनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। कई सवालों के जवाब उसने दिए, लेकिन कुछ अहम सवालों पर वह चुप रहा।
पुलिस ने शालू, सुब्रत और कथित सुपारी किलर विशाल गौतम से जुड़े सात मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले हैं। जांच में सामने आया कि एक मई से पांच सितंबर के बीच सुब्रत और विशाल के बीच 309 बार बातचीत हुई। हत्या से दो दिन पहले, तीन सितंबर को विशाल ने एक नया सिम लिया था। पुलिस के मुताबिक, इस नंबर से भी उसने सुब्रत से छह बार बातचीत की। पुलिस ने सुब्रत से इन कॉल का मकसद पूछा, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
12 साल तक दुकान में काम करता रहा विशाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि विशाल वर्ष 2010 से 2022 तक सुब्रत की बिरहाना रोड स्थित दवा की दुकान पर काम करता था। वर्ष 2022 में उसे विनीत मिनोचा ने नौकरी से निकाल दिया था। इसके बावजूद सुब्रत और विशाल के संपर्क में रहने को लेकर पुलिस सवाल उठा रही है।
पूछताछ में सुब्रत ने बताया कि वह विशाल को छोटे-मोटे काम के लिए फोन करता था। उसका कहना था कि विशाल बिजली का अच्छा मैकेनिक था, इसलिए जरूरत पड़ने पर उसे बुलाया जाता था।
घर में स्टाफ होने के बावजूद विशाल की जरूरत क्यों?
पुलिस ने सुब्रत से पूछा कि उसकी फर्म में करीब 17 कर्मचारी हैं और घर में मेड समेत तीन हाउस हेल्पर हैं। इसके बावजूद विशाल को बार-बार क्यों बुलाया जाता था? पुलिस के मुताबिक, इस सवाल का भी सुब्रत स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।
चाबी बनवाने के दौरान भी साथ थे
पुलिस के मुताबिक, हत्या से करीब 20 दिन पहले सुब्रत, विशाल और शालू को एक साथ देखा गया था। तीनों चाबी बनवाने भी गए थे। पुलिस ने सुब्रत से पूछा कि जब चाबी बनवाई जा रही थी तो उसने यह जानने की कोशिश क्यों नहीं की कि चाबी किस उद्देश्य से बन रही है और विशाल को इसकी जरूरत क्यों थी। इस सवाल पर भी सुब्रत चुप रहा।
विशाल को डॉक्टर के पास ले जाने पर भी सवाल
जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में सुब्रत और विशाल को एक गुमटी के पास साथ देखा गया। पुलिस ने पूछा कि वह विशाल को डॉक्टर के पास क्यों लेकर गया था। सुब्रत ने जवाब दिया कि विशाल की तबीयत खराब थी, इसलिए वह उसे डॉक्टर के पास लेकर गया था।
सीसीटीवी में विशाल को पहचानने से किया इनकार
पुलिस ने सुब्रत से यह भी पूछा कि विशाल करीब 12 साल तक उसकी दुकान और घर में काम करता रहा, इसके बावजूद हत्या के बाद सीसीटीवी फुटेज दिखाए जाने पर उसने उसे पहचानने से इनकार क्यों किया। सुब्रत ने पुलिस को बताया कि फुटेज में चेहरा स्पष्ट नहीं दिख रहा था, इसलिए वह पहचान नहीं सका।
45 हजार की आय, 49 हजार की पार्टी का खर्च
हत्याकांड की जांच में कारोबारी के बेटे सुब्रत की ओर से आयोजित कपल किटी पार्टी भी पुलिस के सवालों के घेरे में है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की रात पांच सितंबर को सुब्रत और उसकी पत्नी शालू तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में आयोजित पार्टी में गए थे।
पुलिस जांच के अनुसार पार्टी में दवा कारोबार से जुड़े करीब 35 लोग शामिल थे। लाउंज रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों रात करीब 10:30 बजे पहुंच गए थे, जबकि पार्टी 11:30 बजे शुरू होनी थी। दोनों के रात करीब तीन बजे वहां से निकलने की बात सामने आई है।
पार्टी की बुकिंग करीब 1,400 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से हुई थी और बिल लगभग 49 हजार रुपये का बताया गया है। पूछताछ में सुब्रत ने अपनी मासिक आय 35 हजार रुपये और शालू को 10 हजार रुपये खर्च के लिए मिलने की बात बताई थी। पुलिस ने उससे सवाल किया कि करीब 45 हजार रुपये की मासिक आय के बीच 49 हजार रुपये की पार्टी का खर्च कैसे किया गया। पुलिस के अनुसार, इस सवाल का भी वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।
सोशल मीडिया से पोस्ट और रील हटाने की भी जांच
पुलिस जांच में सुब्रत के सोशल मीडिया अकाउंट भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस के मुताबिक, हत्या के कुछ दिन बाद सुब्रत ने फेसबुक अकाउंट पर अपनी फर्म ‘फार्मा ट्रेडर्स’ का वॉलपेपर लगाया था। पोस्ट पर कई कमेंट आने के बाद उसे हटाए जाने की बात सामने आई है।
इसके अलावा फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल से कुछ पुरानी तस्वीरें और रील्स डिलीट किए जाने की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस इन गतिविधियों की टाइमलाइन को हत्याकांड से जोड़कर देख रही है।
शालू और विशाल से आमना-सामना कराने की तैयारी
पुलिस अब जेल में बंद शालू मिनोचा और कथित सुपारी किलर विशाल गौतम की पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने का इंतजार कर रही है। रिमांड मंजूर होने के बाद पुलिस दोनों का सुब्रत से आमना-सामना कराने की तैयारी में है। इससे पुलिस को अब तक मिले बयानों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का आपस में मिलान करने में मदद मिल सकती है।
शालू और विशाल की 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए पुलिस ने अदालत में अर्जी दी थी। हड़ताल के चलते इस मामले में सुनवाई 19 सितंबर को निर्धारित की गई है।
क्या है पूरा मामला?
विनीत मिनोचा की पांच सितंबर की रात रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट स्थित उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, उनके गले और सीने पर चाकू से 26 से अधिक वार किए गए थे।
जांच में पुलिस ने दवा कारोबारी की दुकान पर काम करने वाले विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को छह सितंबर की रात पकड़ा था। पुलिस के मुताबिक, विशाल ने पूछताछ में दावा किया कि उसने शालू के कहने पर वारदात को अंजाम दिया। अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड मदन सिंह के बयान में भी शालू द्वारा विशाल को घर बुलाए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
50-60 करोड़ के कारोबार की भी जांच
विनीत मिनोचा बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा की फर्म चलाते थे। पुलिस जांच के मुताबिक, उनका सालाना कारोबार करीब 50 से 60 करोड़ रुपये के बीच था। वह अपने बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे।
विनीत परिवार के साथ रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के सी-104 फ्लैट में रहते थे। चार कमरों और डाइनिंग रूम वाले इस फ्लैट की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
पत्नी की वसीयत भी जांच के दायरे में
हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को विनीत की पत्नी पुनीता मिनोचा की जून 2022 में तैयार की गई वसीयत का दस्तावेज भी रजिस्ट्री कार्यालय से मिला है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वसीयत में संपत्ति किसके नाम की गई थी।
पुलिस इस दस्तावेज को भी हत्या के संभावित कारणों की जांच से जोड़कर देख रही है। हालांकि, वसीयत की वास्तविक सामग्री और हत्या से उसके संबंध को लेकर अभी पुलिस की जांच जारी है।
अगला अहम पड़ाव 19 सितंबर की रिमांड सुनवाई है। इसके बाद पुलिस की पूछताछ, आमना-सामना और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के मिलान से जांच की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।

