ढाई करोड़ की रंगदारी मामले में होटल मैनेजर भी गवाही से मुकरा
कानपुर। ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में होटल मैनेजर सोमवार को जिला जज अनमोल पाल की अदालत में गवाही के दौरान अपने बयान से मुकर गया। उसने कोर्ट में कहा कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उनके साथी आयुष मिश्रा उर्फ लवी ने उससे रंगदारी नहीं मांगी थी। आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे किदवई नगर थाने बुलाकर कुछ कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे। कोर्ट ने उसे पक्षद्रोही घोषित कर दिया।
7 अगस्त 2025 को दर्ज हुई थी एफआईआर
होटल कारोबारी सुरेश पाल ने सात अगस्त 2025 को किदवई नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उनके साथी आयुष मिश्रा उर्फ लवी ने उन्हें दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। मामले में अखिलेश दुबे और आयुष मिश्रा के खिलाफ आरोप तय होने के बाद वादी सुरेश पाल भी कोर्ट में अपनी गवाही के दौरान मुकर गए थे। उन्होंने अदालत में कहा था कि उनसे रंगदारी नहीं मांगी गई थी।
मैनेजर ने भी पुलिस पर लगाया कागजों पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही है। कार्यवाहक जिला शासकीय अधिवक्ता ओमकार नाथ वर्मा ने बताया कि सोमवार को सुरेश पाल के होटल के मैनेजर राहुल कुमार यादव की गवाही हुई। गवाही के दौरान राहुल अपने पूर्व कथित बयान से मुकर गया। राहुल ने अदालत में कहा कि उसने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया था। पुलिस ने उसे किदवई नगर थाने बुलाया था और वहां कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए थे। इसके बाद अदालत ने उसे पक्षद्रोही घोषित कर दिया। मामले में अब नौ अक्तूबर को अगले गवाह के बयान दर्ज किए जाएंगे।

